
जयपुर: राजस्थान में मानसून की गतिविधियां अगस्त के अंत तक कमजोर पड़ गई हैं। सोमवार को प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम साफ रहा और केवल डूंगरपुर में हल्की बारिश दर्ज की गई। जयपुर, जोधपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर और बीकानेर संभाग में दिनभर धूप रही। हालांकि हवा चलने के कारण कई शहरों के तापमान में मामूली गिरावट आई। मौसम विभाग ने अब 2 सितंबर से प्रदेश में बारिश का नया दौर शुरू होने का अनुमान जताया है। 2 सितंबर को 6 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट है, जबकि 3 और 4 सितंबर को 10 से अधिक जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है।
2 सितंबर से फिर बदलेगा मौसम
मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार मंगलवार को प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से साफ रहने की संभावना है। धूप निकलने के कारण तापमान में मामूली बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद 2 सितंबर से बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है।
2 सितंबर को 6 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद 3 और 4 सितंबर को 10 से अधिक जिलों में पीला अलर्ट रहेगा। मानसून की कमजोर गतिविधियों के बीच अगले तीन दिनों में कुछ इलाकों में बारिश से राहत मिलने की उम्मीद है।
अगस्त में सिर्फ 66.2 मिलीमीटर बारिश
राजस्थान में इस बार अगस्त का महीना बारिश के लिहाज से बेहद कमजोर रहा। सामान्य तौर पर अगस्त में प्रदेश में करीब 155 मिलीमीटर बारिश होती है, लेकिन इस साल सिर्फ 66.2 मिलीमीटर पानी बरसा। यह सामान्य बारिश के आधे से भी कम है।
वर्ष 2015 से 2025 के आंकड़ों के मुताबिक अगस्त में सबसे कम बारिश 2023 में दर्ज की गई थी। उस वर्ष पूरे राजस्थान में केवल 30.9 मिलीमीटर बारिश हुई थी। इसके बाद 66.2 मिलीमीटर बारिश के साथ इस साल अगस्त 11 वर्षों में दूसरी सबसे कम बारिश वाला रहा।
इससे पहले 2015 में 93.9 मिलीमीटर, 2017 में 84.8 मिलीमीटर और 2018 में 92 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई थी। अन्य वर्षों में अगस्त की बारिश 100 मिलीमीटर से अधिक रही। वर्ष 2024 में अगस्त के दौरान सबसे ज्यादा 344.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी।
सितंबर में भी सामान्य से कम बारिश का अनुमान
मानसून के अंतिम चरण में भी राजस्थान को अच्छी बारिश का इंतजार है। मौसम विभाग के अनुसार सितंबर में भी प्रदेश में बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है। ऐसे में अगस्त में हुई कम बारिश के बाद अब सितंबर में मानसून की गतिविधियों पर नजर रहेगी।
कम बारिश का असर जलाशयों और खेती पर भी पड़ सकता है। हालांकि अगले कुछ दिनों में होने वाली बारिश से स्थानीय स्तर पर किसानों और आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
हवा ने घटाया गर्मी का असर
सोमवार को प्रदेश में बारिश नहीं होने के बावजूद कई इलाकों में हवा चलने से तापमान में मामूली गिरावट दर्ज हुई। राजस्थान में दिन का सबसे अधिक तापमान श्रीगंगानगर में 38.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
जयपुर में दिनभर आसमान साफ रहा और हल्की धूप निकली। हवा चलने से अधिकतम तापमान मामूली घटकर 33.4 डिग्री दर्ज हुआ।
कोटा में हल्के बादल छाए रहे और बीच-बीच में धूप निकलती रही। यहां अधिकतम तापमान 33.4 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री रहा।
अजमेर में सुबह से धूप रही और गर्मी तथा उमस का असर महसूस हुआ। अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम 22.7 डिग्री दर्ज किया गया। मानसून सीजन में अब तक यहां 419 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो सामान्य से करीब 34 मिलीमीटर अधिक है।
जोधपुर में अगस्त के आखिरी दिन सुबह बादल छाए रहे और हवा चली। अधिकतम तापमान 34 डिग्री रहा, जो सामान्य से 0.3 डिग्री कम है। न्यूनतम तापमान 26.1 डिग्री दर्ज हुआ।
अलवर में धूप के चलते दिन में गर्मी बनी रही और तापमान करीब 37 डिग्री रहा। यहां 2 सितंबर से हल्की बारिश की संभावना है।
सीकर में आसमान साफ रहा। हवा के कारण गर्मी का असर कुछ कम रहा। अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम 23.3 डिग्री दर्ज किया गया।
उदयपुर में सुबह से धूप रही और दिनभर हल्की उमस परेशान करती रही। यहां करीब दो सप्ताह से बारिश नहीं हुई है। अधिकतम तापमान 30.9 डिग्री दर्ज किया गया।
अब सितंबर की बारिश पर टिकी नजर
अगस्त में कमजोर मानसून के बाद राजस्थान में सितंबर की बारिश महत्वपूर्ण हो गई है। मंगलवार को मौसम साफ रहने के बाद 2 सितंबर से बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना है। अगले तीन दिनों में कई जिलों के लिए पीला अलर्ट जारी किया गया है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि सितंबर की शुरुआत में होने वाली बारिश अगस्त में हुई कमी की कितनी भरपाई कर पाती है।



