
रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को नगर विकास एवं आवास विभाग और पथ निर्माण विभाग की योजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को विकास योजनाओं को प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण और तय समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने फुटपाथी दुकानदारों को व्यवस्थित जगह उपलब्ध कराने पर खास जोर देते हुए कहा कि शहर के हर वार्ड में जरूरत के अनुसार वेंडर मार्केट विकसित करने की दिशा में काम किया जाए। इससे सड़कों पर लगने वाले जाम की समस्या कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही सरकारी जमीन पर किए गए कब्जों की पहचान कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
रांची को आधुनिक और व्यवस्थित शहर बनाने पर जोर
समीक्षा बैठक में रांची को आधुनिक और व्यवस्थित शहर के रूप में विकसित करने से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई। रोड नेटवर्क, फ्लाईओवर, पार्क, चौराहों, यातायात व्यवस्था, जल निकासी और चल रही विकास परियोजनाओं की स्थिति की समीक्षा की गई। रांची के मास्टर प्लान और आने वाले वर्षों की विकास कार्ययोजना पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने शहर के बढ़ते विस्तार और आबादी को देखते हुए दीर्घकालिक और समग्र योजना तैयार करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास केवल रांची तक सीमित नहीं रहना चाहिए। राज्य के दूसरे प्रमुख शहरों को भी सुनियोजित तरीके से विकसित करते हुए आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की दिशा में काम करने का निर्देश दिया गया।
यातायात सुधार के लिए बसों का तैयार होगा पूरा डाटा
रांची में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने ठोस कार्ययोजना तैयार करने को कहा। उन्होंने शहर में चलने वाली सभी बसों की संख्या, उनके मार्ग और समय-सारणी का व्यवस्थित डाटा तैयार करने का निर्देश दिया, ताकि सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके।
मुख्यमंत्री ने सड़कों के बीच बने ऐसे कटों को चिन्हित कर बंद करने को कहा, जिनकी जरूरत नहीं है। उन्होंने निर्धारित चौक-चौराहों से ही सुरक्षित तरीके से वाहनों के मुड़ने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
सड़कों पर लटकते तारों पर भी कार्रवाई के निर्देश
रांची को स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए सड़कों, गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर लटक रहे बिजली, दूरसंचार तथा अन्य केबल तारों को व्यवस्थित करने का निर्देश दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि खंभों पर अव्यवस्थित तरीके से लिपटे तारों को चिन्हित किया जाए और नियमों के अनुसार उन्हें हटाने की कार्रवाई की जाए।
सड़क के साथ ड्रेनेज सिस्टम को भी मिले प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल निकासी की बेहतर व्यवस्था सड़क निर्माण का अभिन्न हिस्सा होनी चाहिए। उन्होंने सड़कों के दोनों किनारों पर वैज्ञानिक तरीके से जल निकासी की व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए। ड्रेनेज के लिए सड़क की संरचना के अनुरूप पर्याप्त चौड़ाई और जरूरी जगह सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि भविष्य में अनियोजित निर्माण या अतिक्रमण की समस्या न खड़ी हो।
उन्होंने सड़क की चौड़ाई, जल निकासी, पैदल यात्रियों की सुविधा और यातायात को ध्यान में रखते हुए समग्र डिजाइन तैयार करने पर जोर दिया। बारिश के दौरान जलजमाव वाले इलाकों की पहचान कर वहां प्रभावी जल निकासी नेटवर्क विकसित करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, प्रधान सचिव सुनील कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।



