
जयपुर: राजस्थान के नगर निकाय चुनाव में इस बार युवा चेहरों की भी मजबूत मौजूदगी देखने को मिल रही है। चुनावी मैदान में उतरे Gen-Z उम्मीदवारों में कांग्रेस के 21 वर्षीय फैज हसन ने जीत दर्ज कर खास पहचान बनाई है। फैज हसन ने जयपुर नगर निगम के वार्ड 71 से चुनाव जीता है। उन्हें कुल 5,426 वोट मिले।
निर्दलीय उम्मीदवार को 170 वोटों से हराया
फैज हसन ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी निर्दलीय उम्मीदवार मोहम्मद सलीम को शिकस्त दी। सलीम को 5,256 वोट मिले। इस तरह फैज हसन ने 170 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। बीजेपी की निशा गौर तीसरे स्थान पर रहीं।
जयपुर नगर निगम में कुल 150 वार्ड हैं और सभी वार्डों में मतगणना जारी है। अब तक बीजेपी ने 40, कांग्रेस ने 33 और निर्दलीय उम्मीदवारों ने आठ सीटों पर जीत दर्ज की है। वार्ड 112 से जीतने वाले बीजेपी के सुनील कोठारी को मेयर पद का संभावित दावेदार माना जा रहा है।
कांग्रेस ने बीजेपी से ज्यादा युवा उम्मीदवार उतारे
इस चुनाव में कांग्रेस ने बीजेपी की तुलना में ज्यादा Gen-Z उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था। बीजेपी ने 21 से 29 साल की उम्र के छह युवा उम्मीदवारों को टिकट दिया। इनमें वार्ड 10 से 21 वर्षीय पलक यादव, वार्ड 119 से 22 वर्षीय यश राणावत और वार्ड 150 से 23 वर्षीय शालू मीणा शामिल हैं।
इसके अलावा बीजेपी ने निधि जैन, सूरज गोड़ीवाल और अजय टेपन को भी टिकट दिया। इन तीनों उम्मीदवारों की उम्र 29 साल है।
कांग्रेस के 12 युवा उम्मीदवार मैदान में
कांग्रेस ने 21 से 29 साल की उम्र के कुल 12 उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारा था। इनमें सबसे कम उम्र के उम्मीदवार वार्ड 71 से 21 वर्षीय फैज हसन रहे, जिन्होंने जीत दर्ज कर ली है।
कांग्रेस के अन्य युवा उम्मीदवारों में 22 वर्षीय मानवेंद्र सिंह और सुमन भाटी, 23 वर्षीय हर्षिता जैन, 26 वर्षीय श्रुति भारद्वाज, 27 वर्षीय मोहम्मद सोहेल मंसूरी और वंदिता शर्मा शामिल हैं। इनके अलावा 28 वर्षीय नवरतन शर्मा, संजय बरोदिया और आशा सैनी तथा 29 वर्षीय धनराज सैनी और सलमान मंसूरी भी चुनाव मैदान में उतरे।
10 नगर निगमों के रुझानों में भी दिलचस्प तस्वीर
राजस्थान निकाय चुनाव 2026 के ताजा रुझानों में राज्य के 10 नगर निगमों में मुकाबला दिलचस्प बना हुआ है। पांच नगर निगमों में बीजेपी आगे चल रही है, जबकि तीन में कांग्रेस बढ़त बनाए हुए है। एक नगर निगम में निर्दलीय उम्मीदवारों का दबदबा नजर आ रहा है। वहीं एक नगर निगम में बीजेपी और कांग्रेस के बीच बराबरी का मुकाबला चल रहा है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने राजस्थान के 309 नगरीय निकायों, जिनमें नगर निगम, नगर परिषद और नगरपालिका शामिल हैं, के लिए दो चरणों में निकाय चुनाव कराए थे। इन चुनावों के नतीजों में युवा उम्मीदवारों की मौजूदगी ने राजस्थान की स्थानीय राजनीति में नई पीढ़ी की बढ़ती भागीदारी को भी सामने रखा है।



