देहरादून: केदारनाथ मार्ग पर लैंडस्लाइड के कारण यात्रा प्रभावित होने के बीच चारधाम यात्रा के लिए हेली सेवा को लेकर राहत की खबर सामने आई है। दूसरे चरण की हेली सेवाएं 15 सितंबर से शुरू होने जा रही हैं। शुरुआती 16 दिनों यानी 15 से 30 सितंबर तक के लिए जारी किए गए 8,900 टिकट कुछ ही घंटों में बुक हो गए हैं।
उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण के सीईओ प्रतीक जैन ने बताया कि केदारनाथ धाम के लिए शटल हेली सेवा और चारों धामों के लिए चार्टर सेवाएं 15 सितंबर से पूरी तरह शुरू कर दी जाएंगी। इसके साथ ही हेमकुंड साहिब के लिए भी हेली सेवा 15 सितंबर से शुरू होगी।
केदारनाथ मार्ग पर चारबासा के पास हैलीपैड में लैंडस्लाइड के कारण सोमवार को यात्रा रोकी गई है। ऐसे समय में हेली सेवा शुरू होने से दूरदराज से आने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
कुछ ही घंटों में बिक गए 8,900 टिकट
प्रतीक जैन के मुताबिक, हेली टिकटों की बुकिंग चरणबद्ध तरीके से खोली जा रही है। पहले चरण में 15 से 30 सितंबर तक की यात्रा के लिए 8,900 टिकट आईआरसीटीसी के माध्यम से जारी किए गए थे। बुकिंग शुरू होने के कुछ ही घंटों में सभी टिकट बुक हो गए।
यात्रियों को सुविधा देने और पूरे सीजन की टिकटें एक साथ खत्म होने से रोकने के लिए 15-15 दिन के अंतराल पर बुकिंग स्लॉट खोले जा रहे हैं।
22 सितंबर से अक्टूबर की बुकिंग
1 से 16 अक्टूबर के बीच हेली सेवा से चारधाम यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए बुकिंग विंडो 22 सितंबर को सुबह 11 बजे खुलेगी। यात्री आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से टिकट बुक कर सकेंगे।
8 शटल और 15 चार्टर ऑपरेटर संभालेंगे सेवा
केदारनाथ धाम की शटल हेली सेवा के लिए आठ ऑपरेटरों को लाइसेंस दिया गया है। इनमें सिरसी से दो, फाटा से चार और गुप्तकाशी से दो ऑपरेटर सेवाएं संचालित करेंगे।
वहीं, चारों धामों के लिए चार्टर हेली सेवा संचालित करने के लिए कुल 15 ऑपरेटर सूचीबद्ध किए गए हैं।
मौसम साफ रहा तभी उड़ान को मिलेगी मंजूरी
हेली सेवाओं में सुरक्षा को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जा रही है। केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में मौसम की निगरानी के लिए वेदर ऑब्जर्वेशन सिस्टम लगाए गए हैं। उड़ानों को मौसम की स्थिति अनुकूल होने पर ही अनुमति दी जाएगी।
दृश्यता और मौसम ठीक रहने की स्थिति में हेलीपैड पर काउंटर के जरिए सीमित संख्या में तत्काल यानी स्पॉट टिकट भी उपलब्ध कराए जा सकते हैं। श्रद्धालुओं को ब्लैक टिकटिंग और फर्जी वेबसाइटों से सावधान रहने की सलाह दी गई है। टिकट केवल आधिकारिक पोर्टल से ही बुक करने की अपील की गई है।




