
पटना: बिहार में बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच केंद्र सरकार ने राज्य की स्थिति का जायजा लेने के लिए केंद्रीय टीम भेजने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को बताया कि गृह मंत्री अमित शाह ने उनसे फोन पर बात की है और बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए 16 सितंबर को केंद्रीय टीम बिहार पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में यह टीम राज्य का दौरा करेगी।
पटना के अधिवेशन भवन में आयोजित हिंदी दिवस समारोह के दौरान सम्राट चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर गंभीर है। उन्होंने बताया कि अमित शाह ने खुद फोन कर केंद्रीय टीम के बिहार आने की जानकारी दी है। टीम बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करेगी।
15 जिलों में 49 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित
बिहार में पिछले चार-पांच दिनों से लगातार हो रही बारिश और नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक, राज्य के 15 जिलों के 88 प्रखंडों की 575 ग्राम पंचायतों में 49.36 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।
प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया शामिल हैं। कई नदियां अलग-अलग स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
गंगा समेत कई नदियां खतरे के निशान के ऊपर
डीएमडी के ताजा बुलेटिन के अनुसार, सोमवार सुबह छह बजे भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा का जलस्तर 36.21 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 1.71 मीटर ऊपर है। हालांकि, यहां जलस्तर में गिरावट का रुख बताया गया है।
बलतारा और कुरसेला में कोसी, खगड़िया में बूढ़ी गंडक, दीघा, गांधी घाट, हथीदह, भागलपुर, कहलगांव और मुंगेर में गंगा, श्रीपालपुर में पुनपुन, बेनीबाद में बागमती और दरौली में घाघरा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
1260 सामुदायिक रसोई और 13 राहत शिविर संचालित
बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासन की ओर से 1,260 सामुदायिक रसोई चलाई जा रही हैं। इसके अलावा 13 राहत शिविरों में करीब 11,060 लोगों के लिए रहने, भोजन, चिकित्सा और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
प्रशासन के मुताबिक, अब तक बाढ़ प्रभावित लोगों को 3.95 लाख पॉलीथीन शीट, 73,100 सूखा राशन पैकेट और 1,400 खाद्य पैकेट बांटे जा चुके हैं। राहत और बचाव के साथ आवागमन के लिए 1,596 नावें तैनात हैं। पशुओं के लिए 13,121 क्विंटल चारा भी वितरित किया गया है।
गंडक और सोन में बढ़ा पानी, SDRF-NDRF की टीमें तैनात
सोमवार सुबह 10 बजे वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से 90,600 क्यूसेक पानी का प्रवाह दर्ज किया गया, जिसमें बढ़ोतरी का रुख है। वीरपुर कोसी बैराज पर 1,51,015 क्यूसेक जलप्रवाह दर्ज हुआ, हालांकि इसमें गिरावट जारी है। इसी स्थान पर इस साल 20 जुलाई को अधिकतम 2,55,425 क्यूसेक प्रवाह दर्ज किया गया था।
इंद्रपुरी सोन बैराज से 53,459 क्यूसेक पानी का प्रवाह दर्ज किया गया, जिसमें बढ़ोतरी हो रही है। संभावित बाढ़ और राहत-बचाव अभियान को तेज रखने के लिए अलग-अलग जिलों में एसडीआरएफ की 27 और एनडीआरएफ की 10 टीमें तैनात की गई हैं।
तेजस्वी यादव ने केंद्र पर साधा था निशाना
बाढ़ के मुद्दे पर इससे पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार पर बिहार की अनदेखी करने का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया था कि बाढ़ से बिहार में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है और लाखों लोग प्रभावित हैं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की ओर से राज्य की मदद को लेकर कोई स्पष्ट पहल सामने नहीं आई।
अब सम्राट चौधरी के मुताबिक, गृह मंत्री अमित शाह ने उनसे फोन पर बात की है और केंद्र की टीम 16 सितंबर को बिहार पहुंचकर बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करेगी।



