दतिया MLA घनश्याम सिंह के निर्वाचन को हाईकोर्ट में चुनौती, 1991 के केस की जानकारी छिपाने का आरोप

जबलपुर: मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट से हालिया उपचुनाव में जीत दर्ज करने वाले कांग्रेस विधायक घनश्याम सिंह के निर्वाचन को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। भाजपा नेता और अधिवक्ता दीपक बेलपत्री ने याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि घनश्याम सिंह ने चुनावी हलफनामे में वर्ष 1991 में दर्ज एक आपराधिक मामले की जानकारी नहीं दी। याचिका में उनका निर्वाचन शून्य घोषित करने की मांग की गई है। मामले की सुनवाई अगले सप्ताह होने की संभावना है।
1991 के मामले की जानकारी छिपाने का आरोप
याचिका के मुताबिक घनश्याम सिंह ने अपने चुनावी हलफनामे में दतिया कोतवाली थाने में दर्ज 2 आपराधिक मामलों की जानकारी दी थी, लेकिन वर्ष 1991 में दर्ज एक अन्य मामले का उल्लेख नहीं किया। याचिकाकर्ता ने इसी आधार पर उनके निर्वाचन को चुनौती दी है।
याचिका में बताया गया है कि 1991 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के बाद दतिया में प्रदर्शन और चक्काजाम हुआ था। पुलिस ने इस मामले में 22 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी, जिनमें घनश्याम सिंह का नाम भी शामिल होने का दावा याचिका में किया गया है। आरोप है कि जुलाई 2026 के उपचुनाव के दौरान दाखिल हलफनामे में इस मामले की जानकारी नहीं दी गई।
घनश्याम सिंह बोले- मामला करीब 35 साल पुराना
घनश्याम सिंह ने दतिया में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि जिस मामले को लेकर याचिका दाखिल की गई है, वह करीब 35 साल पुराना है। उन्होंने कहा कि उन्हें अभी तक याचिका की पूरी जानकारी नहीं मिली है और न ही पुलिस या अदालत की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक सूचना मिली है। उन्होंने इसे विरोधियों की साजिश बताया है।
हालांकि, याचिका में लगाए गए आरोपों पर अंतिम स्थिति अदालत की सुनवाई और संबंधित रिकॉर्ड के आधार पर ही स्पष्ट होगी।
30 जुलाई को हुआ था दतिया में मतदान
दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए 30 जुलाई 2026 को मतदान हुआ था। चुनाव में 71.44 फीसदी मतदान दर्ज किया गया। घनश्याम सिंह ने भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को 7,000 से अधिक मतों के अंतर से हराया था।
2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के तत्कालीन उम्मीदवार राजेंद्र भारती ने तत्कालीन राज्य गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को 7,700 से अधिक मतों के अंतर से हराया था।
राजेंद्र भारती की सदस्यता खत्म होने के बाद हुआ उपचुनाव
दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव कांग्रेस के तत्कालीन विधायक राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता समाप्त होने के बाद कराया गया था। अप्रैल 2026 में दिल्ली की एक अदालत ने धोखाधड़ी के मामले में भारती को 3 साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई और सीट रिक्त होने पर उपचुनाव कराना पड़ा।
उपचुनाव में कांग्रेस ने घनश्याम सिंह को उम्मीदवार बनाया था, जबकि भाजपा ने आशुतोष तिवारी को मैदान में उतारा था। अब घनश्याम सिंह के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका पर हाईकोर्ट की सुनवाई के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।



