मध्य प्रदेशराज्य

MP में 25 सितंबर से दौड़ेंगी सुगम परिवहन सेवा की बसें, CM मोहन यादव 351 बसों को दिखाएंगे हरी झंडी

भोपाल: मध्य प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने की दिशा में राज्य सरकार 25 सितंबर से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शुरू करने जा रही है। भोपाल के दशहरा मैदान में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 351 बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। पहले चरण में सात शहरों से बस सेवा शुरू होगी, जबकि योजना के तहत आगे चलकर प्रदेश में करीब 1,500 बसों का संचालन शुरू किया जाएगा।

दो श्रेणियों में शुरू होगी बस सेवा

पहले चरण में रवाना होने वाली 351 बसों में 120 इंटरसिटी और 231 इंट्रासिटी बसें शामिल हैं। इंटरसिटी बसें दो या उससे अधिक शहरों के बीच यात्रियों को परिवहन सुविधा देंगी, जबकि इंट्रासिटी बसें शहरों के भीतर आवागमन के लिए संचालित होंगी। सरकार का उद्देश्य शहरों के बीच संपर्क बेहतर करने के साथ रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को सुविधाजनक परिवहन उपलब्ध कराना है।

इन सात शहरों से शुरू होगा संचालन

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के पहले चरण में इंदौर, भोपाल, जबलपुर, रीवा, देवास, कटनी और भिंड को शामिल किया गया है। इंदौर से 145 बसें चलेंगी, जिनमें 50 इंटरसिटी और 95 इंट्रासिटी बसें होंगी। भोपाल से 106 बसें संचालित होंगी, जिनमें 23 इंटरसिटी और 83 इंट्रासिटी बसें शामिल हैं।

जबलपुर से 67 बसें चलेंगी। इनमें 14 इंटरसिटी और 53 इंट्रासिटी बसें होंगी। इसके अलावा रीवा से 18, देवास से 10, कटनी से 3 और भिंड से 2 इंटरसिटी बसें शुरू की जाएंगी।

2031 तक 75 फीसदी ग्राम पंचायतों को जोड़ने का लक्ष्य

सरकार की योजना के मुताबिक 2031 तक प्रदेश की 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को बस सेवा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत प्रदेशभर में 15 हजार से ज्यादा आधुनिक सार्वजनिक बसें संचालित करने की योजना है। इससे प्रतिदिन 30 लाख से अधिक यात्रियों को परिवहन सुविधा देने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही 180 से ज्यादा बस स्टैंड, टर्मिनल और डिपो को आधुनिक बनाने की योजना है।

बसों में CCTV, पैनिक बटन और लाइव लोकेशन की सुविधा

सुगम परिवहन सेवा की बसों में यात्रियों की सुरक्षा पर भी जोर दिया गया है। बसों को सात सीसीटीवी कैमरों, पैनिक बटन और रियल टाइम वाहन लोकेशन ट्रैकिंग प्रणाली से लैस किया जा रहा है। बसों के संचालन, उनकी लोकेशन और समयबद्धता पर नजर रखने के लिए इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए निगरानी की जाएगी।

इसके लिए मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और उसकी सात सहायक कंपनियों में कमांड-कंट्रोल सेंटर स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों से बसों की गतिविधियों की वास्तविक समय में निगरानी की जाएगी।

इलेक्ट्रिक और स्वच्छ ईंधन वाली बसों पर जोर

परिवहन व्यवस्था को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए स्वच्छ ईंधन और इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार पर भी जोर दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य सार्वजनिक परिवहन के विस्तार के साथ कार्बन उत्सर्जन कम करना और आधुनिक परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देना है।

महिला और बाल सुरक्षा को प्राथमिकता

नई बस सेवा में महिला और बच्चों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई है। सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन और लाइव लोकेशन ट्रैकिंग के अलावा यात्रियों के लिए पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम की सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी है। ड्राइवरों को तकनीकी प्रशिक्षण देने और शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए व्यवस्था विकसित की जा रही है।

PPP मॉडल से निजी ऑपरेटरों की बढ़ेगी भागीदारी

सरकार सार्वजनिक परिवहन में जन-निजी भागीदारी को भी बढ़ावा देगी। इसके लिए पारदर्शी अनुबंध व्यवस्था और प्रोत्साहन योजनाएं लागू की जाएंगी। निजी बस ऑपरेटरों को विज्ञापन और कार्गो जैसी गैर-किराया आय बढ़ाने तथा आधुनिक डिपो और टर्मिनल का इस्तेमाल करने की सुविधा मिलेगी।

परिवहन क्षेत्र में रोजगार और निवेश बढ़ने की उम्मीद

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के विस्तार से बस संचालन के अलावा वाहन निर्माण, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, चार्जिंग ढांचे और तकनीकी सेवाओं जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं बढ़ने की बात कही गई है। सरकार के मुताबिक इससे परिवहन क्षेत्र से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा मिलने के साथ युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं।

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