
पानीपत: अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुदीप सिंह की अदालत ने बीएससी प्रथम वर्ष की 19 वर्षीय छात्रा को लगातार फोन कर मानसिक रूप से परेशान करने और आत्महत्या के लिए मजबूर करने के मामले में आरोपी सिद्धांत उर्फ हन्नी को दोषी करार दिया है। अदालत ने उसे 3 साल की सजा सुनाने के साथ 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं भरने पर दोषी को 3 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
लगातार फोन कर छात्रा को करता था परेशान
मॉडल टाउन थाना क्षेत्र की एक कॉलोनी निवासी महिला ने अप्रैल 2018 में पुलिस को शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया था कि उनकी 19 वर्षीय बेटी को आरके पुरम निवासी सिद्धांत उर्फ हन्नी लंबे समय से फोन करके परेशान कर रहा था।
परिवार के मुताबिक, लगातार मिल रही मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर छात्रा ने 29 अप्रैल 2018 को अपने कमरे में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
30 अप्रैल को आरोपी हुआ था गिरफ्तार
छात्रा की मौत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और 30 अप्रैल 2018 को आरोपी सिद्धांत उर्फ हन्नी को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने उसके पास से वह मोबाइल फोन भी जब्त किया था, जिसका इस्तेमाल छात्रा को फोन करने के लिए किया गया था।
जांच के दौरान मोबाइल और कॉल से जुड़े साक्ष्यों की पड़ताल की गई। सीएफएसएल पंचकूला और साइबर एफएसएल मधुबन की रिपोर्ट में आरोपी की ओर से छात्रा को बार-बार फोन किए जाने और उसे प्रताड़ित किए जाने से संबंधित डेटा और कॉल डिटेल रिकॉर्ड सामने आए।
18 गवाहों की गवाही बनी अहम आधार
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में कुल 18 गवाहों की गवाही हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए गवाहों और तकनीकी साक्ष्यों को मामले में अहम माना गया। जांच के दौरान सामने आए कॉल डिटेल रिकॉर्ड और फोरेंसिक रिपोर्ट भी आरोपी के खिलाफ महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हुए।
करीब 6 साल बाद अदालत ने सिद्धांत उर्फ हन्नी को दोषी करार देते हुए 3 साल की सजा सुनाई। इसके साथ ही उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।



