
अंबाला: हरियाणा के मुलाना स्थित महमूदपुर गांव के चार वर्षीय मयन सैनी ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर कम उम्र में ही दो विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं। मयन ने पहले 195 देशों के झंडों को पहचानकर उनके नाम बताने का रिकॉर्ड बनाया। इसके बाद महाद्वीपवार सभी देशों की पहचान कर उनके नाम बताकर दूसरा विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किया।
खेल-खेल में सीखी देशों और झंडों की पहचान
मयन के माता-पिता रोहित सैनी और मधू सैनी ने बताया कि उसे बचपन से ही देशों, उनके झंडों और विश्व मानचित्र को जानने में खास रुचि थी। उसकी रुचि को देखते हुए मां मधू सैनी ने पढ़ाई का दबाव डालने के बजाय खेल-खेल में उसे देशों और उनके झंडों की पहचान करना सिखाया।
मयन ने भी इसे पढ़ाई के बजाय खेल की तरह लिया और धीरे-धीरे देशों तथा उनके झंडों को पहचानना सीखता चला गया। इसी रुचि और अभ्यास के चलते उसने इतनी कम उम्र में दो रिकॉर्ड कायम कर दिए।
1 मिनट 44 सेकंड में पहचाने 195 देशों के झंडे
मयन ने 12 मई 2026 को अंबाला में 195 देशों के झंडों को पहचानकर उनके नाम बताए। उसने यह उपलब्धि 1 मिनट 44 सेकंड में हासिल की। उस समय उसकी उम्र करीब साढ़े चार वर्ष थी। इस उपलब्धि के बाद उसका नाम वर्ल्ड वाइड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया।
मयन की इस उपलब्धि से उसके परिवार के साथ-साथ महमूदपुर गांव और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। माता-पिता का कहना है कि उसकी रुचि को समझकर उसे लगातार प्रोत्साहित किया गया।
2 मिनट 19.8 सेकंड में महाद्वीपवार देशों की पहचान
मयन ने इसके बाद 10 जुलाई 2026 को दूसरा विश्व रिकॉर्ड बनाया। महज 4 वर्ष, 8 माह और 10 दिन की उम्र में उसने रंगीन विश्व के ब्लैक मैप से महाद्वीपवार सभी देशों की पहचान की और उनके नाम बताए।
मयन ने यह कार्य 2 मिनट 19.8 सेकंड में पूरा किया। इस उपलब्धि के साथ महाद्वीपवार देशों की पहचान के क्षेत्र में उसका नया विश्व रिकॉर्ड बना। यह रिकॉर्ड इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया।
मां के प्रोत्साहन से आगे बढ़ा मयन
मयन की दोनों उपलब्धियों के पीछे उसके माता-पिता के प्रोत्साहन के साथ उसकी मां मधू सैनी की अहम भूमिका बताई जा रही है। उन्होंने उसकी रुचि को पहचानकर उसे खेल-खेल में सीखने का अवसर दिया। मयन की प्रतिभा ने न सिर्फ उसके परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है।



