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भारत-मंगोलिया ने रक्षा सहयोग मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई, उलानबटार में हुई बैठक

नई दिल्ली: भारत और मंगोलिया के संबंध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण हैं। मंगोलिया भारत को अपना ‘आध्यात्मिक पड़ोसी’ और अमेरिका, जापान व जर्मनी की तरह ‘तीसरा पड़ोसी’ ( थर्ड नेबर) मानता है। भारत उसे अपना एक्सटेंडेड नेबर मानता है। इसी द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊर्जा देने के लिए दोनों देशों ने नए गठजोड़ों पर सहमति प्रकट किया है। भारत और मंगोलिया ने अपने लंबे समय से चले आ रहे रक्षा सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई है।

14वीं संयुक्त कार्य समूह की बैठक उलानबटार में हुई संपन्न

दोनों देशों के रक्षा मंत्रालयों के बीच 14वीं संयुक्त कार्य समूह की बैठक 16 अक्टूबर 2026 को मंगोलिया की राजधानी उलानबटार में हुई। बैठक में मौजूदा रक्षा सहयोग की समीक्षा की गई और आपसी सहमति वाले क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के उपायों पर चर्चा हुई।

बैठक में दोनों पक्षों ने जारी रक्षा सहयोग गतिविधियों की व्यापक समीक्षा की और मौजूदा पहलों की प्रगति का आकलन किया। साथ ही, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया गया। दोनों देशों ने लगातार संवाद के जरिए रक्षा साझेदारी को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

दोनों पक्षों ने ‘नोमैडिक एलीफेंट’ सैन्य अभ्यास के सफल आयोजन की सराहना की। इस अभ्यास को भारत और मंगोलिया के बीच रक्षा सहयोग मजबूत करने की साझा प्रतिबद्धता का उदाहरण बताया गया। मंगोलिया ने अपने सशस्त्र बलों के जवानों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण में भारत के निरंतर सहयोग की भी सराहना की।

बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के रक्षा मंत्रालय की संयुक्त सचिव डॉ. इशिता गांगुली त्रिपाठी और मंगोलिया के रक्षा मंत्रालय के उप राज्य सचिव ब्रिगेडियर जनरल गानसुख ई. ने की।

डॉ. इशिता गांगुली त्रिपाठी ने मंगोलियाई सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ के उप प्रमुख मेजर जनरल उसुखबयार जे. से भी मुलाकात की। दोनों पक्षों ने अपनी रक्षा सेनाओं के बीच सहयोग में हुई प्रगति की सराहना की। उन्होंने आपसी संपर्क बढ़ाने, रक्षा संबंधों को मजबूत करने और भारत-मंगोलिया रणनीतिक साझेदारी के लिए भविष्य की कार्ययोजना तैयार करने के अवसरों पर चर्चा की।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने मंगोलिया के नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी का भी दौरा किया। इस दौरान भारत की सहायता से स्थापित साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण केंद्र के कामकाज की समीक्षा की गई। मंगोलियाई पक्ष ने भाषा प्रशिक्षण और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में भारत के सहयोग की सराहना की। दोनों देशों ने क्षमता निर्माण, ज्ञान के आदान-प्रदान और रक्षा सहयोग को रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने के महत्वपूर्ण माध्यमों के रूप में रेखांकित किया।

भारत और मंगोलिया के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंध रहे हैं। ये संबंध दोनों देशों की मौजूदा साझेदारी को मजबूत आधार प्रदान करते हैं। इस यात्रा ने साझा आस्था और सांस्कृतिक विरासत की भूमिका को भी रेखांकित किया, जो दोनों देशों को करीब लाने में महत्वपूर्ण रही है।

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