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दिल्ली रोड रेज हत्याकांड में बड़ा एक्शन, 3 दिन बाद गिरफ्तार हुआ एलएलबी छात्र; पिस्टल और 4 कारतूस बरामद

नई दिल्ली: दिल्ली के सीलमपुर इलाके में मामूली सड़क हादसे को लेकर हुए विवाद में युवक की गोली मारकर हत्या करने के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने फरार चल रहे आरोपी मोहम्मद गाजी उर्फ गाजी अब्बास को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के पास से एक अर्ध-स्वचालित पिस्टल और चार कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ब्रह्मपुरी का रहने वाला है और मेरठ से दूरस्थ शिक्षा के जरिए एलएलबी की पढ़ाई कर रहा था।

14 अक्टूबर को गौतमपुरी में हुई थी गोलीबारी

पुलिस के अनुसार, 14 अक्टूबर की शाम गौतमपुरी की गली नंबर-8 के बाहर गोलीबारी की घटना हुई थी। इस दौरान सीलमपुर निवासी वसीम गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद सीलमपुर थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने और मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपितों की पहचान कर उन्हें पकड़ने की जिम्मेदारी स्पेशल सेल को सौंपी गई।

मयूर विहार फेज-3 से आरोपी गिरफ्तार

डीसीपी नारा चैतन्य के मुताबिक, एसीपी राहुल कुमार सिंह और इंस्पेक्टर सुनील तेवतिया के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच के बाद 18 अक्टूबर को मयूर विहार फेज-3 से गाजी अब्बास को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके पास से एक पिस्टल और चार कारतूस मिले। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी को हथियार कहां से मिला और क्या इसके पीछे किसी हथियार तस्करी नेटवर्क की भूमिका है।

कार की मामूली टक्कर से शुरू हुआ था विवाद

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि 14 अक्टूबर की शाम गौतमपुरी की गली नंबर-8 में ब्रेजा कार की मामूली टक्कर को लेकर विवाद शुरू हुआ था। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि इसी दौरान गाजी अब्बास ने वसीम को बेहद करीब से गोली मार दी, जिससे उसकी जान चली गई। पुलिस मामले से जुड़े घटनाक्रम और आरोपी के बयान की जांच कर रही है।

बुलंदशहर का रहने वाला है आरोपी, दिल्ली में हुई पढ़ाई

पुलिस के मुताबिक, गाजी अब्बास मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर का रहने वाला है। उसका जन्म दिल्ली के दुर्गापुरी इलाके में हुआ था और उसने गौतमपुरी के एक सरकारी स्कूल से पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद वह मेरठ से दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से एलएलबी की पढ़ाई करने लगा।

पहले भी दर्ज हो चुका है आपराधिक मामला

जांच के दौरान आरोपी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, वर्ष 2021 में उसके खिलाफ जाफराबाद थाने में एक मामला दर्ज हुआ था। इसके बाद वह करीब तीन साल तक मंडोली जेल में बंद रहा। पुलिस का कहना है कि जेल में रहने और बाहर आने के बाद वह स्थानीय अपराधियों के संपर्क में आ गया था। अब स्पेशल सेल आरोपी से पूछताछ कर हथियार के स्रोत और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

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