देहरादून ( राम कुमार सिंह) : उत्तराखंड में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और 38 वें राष्ट्रीय खेलों के दौरान विकसित की गई खेल अवस्थापना सुविधाओं का बेहतर उपयोग करने के लिए एक जिला एक खेल योजना को मजबूत किया जाएगा। धामी कैबिनेट ने योजना के संचालन के लिए प्रदेश में 14 मुख्य प्रशिक्षकों की तैनाती के प्रस्ताव को मंजूरी दी। हर जिले में प्रतिभावान खिलाड़ी होते हैं और वो अलग अलग खेलों में अपना सर्वोत्तम प्रदर्शन कर राज्य का नाम खेल प्रतिस्पर्धा के पायदानों पर ऊंचा कर सकते हैं लेकिन इसके लिए हर जिले के खिलाड़ियों द्वारा बेहतर ढंग से खेले जाने वाले खेलों की पहचान कर उन्हें बढ़ावा देना जरूरी है। यही कारण है कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में एक जिला एक खेल योजना को एक नई गति देने का फैसला लिया गया है।
कैबिनेट में आए प्रस्ताव के अनुसार प्रदेश के हर जिले में एक-एक मुख्य प्रशिक्षक तैनात किया जाएगा। इसके अलावा खेल निदेशालय में भी एक मुख्य प्रशिक्षक की तैनाती होगी। इस तरह कुल 14 मुख्य प्रशिक्षकों को अनुबंध के आधार पर तीन वर्ष के लिए तैनात किया जाएगा। मुख्य प्रशिक्षकों की नियुक्ति भारतीय खेल प्राधिकरण की ओर से निर्धारित पात्रता, अर्हता और अनुभव के आधार पर की जाएगी। चयनित प्रशिक्षकों को 1.45 लाख रुपये प्रतिमाह नियत मानदेय दिया जाएगा।
योजना के तहत प्रत्येक जिले के लिए उसकी स्थानीय परिस्थितियों, उपलब्ध खेल अवस्थापना सुविधाओं और वहां प्रचलित एवं लोकप्रिय खेलों को ध्यान में रखते हुए खेल का चयन किया जाएगा। इसका उद्देश्य संबंधित जिले में चुने गए खेल को व्यवस्थित तरीके से विकसित करना और खिलाड़ियों को प्रशिक्षण की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना है। सरकार का मानना है कि 38 वें राष्ट्रीय खेलों के आयोजन के दौरान प्रदेश में तैयार हुई खेल अवस्थापना सुविधाओं का प्रभावी उपयोग किया जाना जरूरी है। एक जिला एक खेल योजना के माध्यम से इन सुविधाओं को स्थानीय खिलाड़ियों और युवाओं के लिए नियमित प्रशिक्षण एवं खेल गतिविधियों से जोड़ा जाएगा।




