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दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर बना लाहौर, AQI 410 पर पहुंचा; हवा में WHO मानक से 45 गुना ज्यादा PM2.5

लाहौर: पाकिस्तान के लाहौर में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। शुक्रवार को शहर दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर दर्ज किया गया। वायु गुणवत्ता निगरानी मंच IQAir के आंकड़ों के मुताबिक, लाहौर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 410 तक पहुंच गया, जो बेहद गंभीर स्थिति को दर्शाता है। रिपोर्ट के अनुसार, शहर में PM2.5 कणों का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के वार्षिक दिशानिर्देश मूल्य से 45.2 गुना अधिक रहा।

AQI हवा में मौजूद प्रदूषण के स्तर को मापने का पैमाना है। इसका आंकड़ा जितना अधिक होता है, वायु गुणवत्ता उतनी ही खराब मानी जाती है और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ जाते हैं। IQAir के वर्गीकरण में 300 से अधिक AQI को ‘खतरनाक’ श्रेणी में रखा जाता है।

PM2.5 कण स्वास्थ्य के लिए क्यों हैं खतरनाक?

PM2.5 बेहद छोटे प्रदूषक कण होते हैं, जिनका व्यास 2.5 माइक्रोमीटर या उससे कम होता है। आकार में बहुत बारीक होने के कारण ये सांस के साथ फेफड़ों में गहराई तक पहुंच सकते हैं और कुछ कण रक्तप्रवाह में भी प्रवेश कर सकते हैं।

इन कणों के लंबे समय तक संपर्क में रहने से स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। लाहौर में PM2.5 का स्तर WHO के वार्षिक दिशानिर्देश मूल्य से 45.2 गुना अधिक दर्ज होना प्रदूषण की गंभीरता को दर्शाता है।

अक्टूबर से फरवरी तक छाई रहती है धुंध

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में हर साल अक्टूबर से फरवरी के बीच धुंध और वायु प्रदूषण की समस्या बढ़ जाती है। प्रांतीय सरकार के अनुसार, लाहौर समेत पंजाब के कई इलाकों में इस अवधि के दौरान प्रदूषण एक बड़ी चुनौती बना रहता है।

हाल के वर्षों में वायु गुणवत्ता में गिरावट सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण को लेकर चिंता बढ़ा रही है। लाहौर में दर्ज प्रदूषण का स्तर एक बार फिर इस समस्या की गंभीरता को सामने लाता है।

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