चिली, कनाडा और मेक्सिको के साथ व्यापार समझौतों पर भारत की बातचीत तेज: पीयूष गोयल

नई दिल्ली ( दस्तक डेस्क) : भारत कई देशों और समूहों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) पर बातचीत कर रहा है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि चिली के साथ समझौते पर बातचीत निष्कर्ष तक पहुंचने के काफी करीब है, जबकि कनाडा के साथ वार्ता में भी अच्छी प्रगति हो रही है।
नीदरलैंड की दो दिवसीय यात्रा के दौरान पत्रकारों से बातचीत में गोयल ने बताया कि दक्षिण अफ्रीका के नेतृत्व वाले दक्षिणी अफ्रीकी सीमा शुल्क संघ (एसएसीयू) के साथ भी बातचीत शुरू हो गई है। दोनों पक्षों ने अगस्त में तरजीही व्यापार समझौते की दिशा में औपचारिक वार्ता शुरू करने के लिए संदर्भ की शर्तों (टीओआर) पर हस्ताक्षर किए थे। एसएसीयू में बोत्सवाना, इस्वातिनी, लेसोथो, नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं।
गोयल ने कहा, “मुझे लगता है कि चिली के साथ बातचीत समझौते को अंतिम रूप देने के काफी करीब है। कनाडा के साथ अच्छी प्रगति हो रही है। एसएसीयू के साथ बातचीत अभी शुरू हुई है, इसलिए इसमें कुछ समय लग सकता है।” अन्य व्यापार समझौतों पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि मेक्सिको जल्द से जल्द शुरुआती चरण का व्यापार समझौता करने को लेकर काफी इच्छुक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि ब्राजील में चुनाव के बाद सरकार की निरंतरता से मर्कोसुर समूह के साथ तरजीही व्यापार समझौते (पीटीए) के विस्तार पर बातचीत तेज करने में मदद मिलेगी।
नीदरलैंड यात्रा के दौरान गोयल ने विदेश व्यापार एवं विकास सहयोग मंत्री स्जोर्ड स्जोर्ड्समा, आर्थिक मामलों एवं जलवायु मंत्री हीलीन हर्बर्ट और उत्तरी हॉलैंड के किंग्स कमिश्नर आर्थर वैन डाइक के साथ बैठकें कीं। उन्होंने नीदरलैंड की संसद की विदेश व्यापार एवं विकास सहयोग समिति और सीनेट की यूरोपीय मामलों की समिति के सदस्यों से भी बातचीत की। इन बैठकों में भारत-नीदरलैंड के आर्थिक संबंधों और भारत-यूरोपीय संघ की व्यापक आर्थिक साझेदारी पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ।
गोयल ने सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, लॉजिस्टिक्स, ऊर्जा और खुदरा कारोबार से जुड़ी डच कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठकें भी कीं। इसके अलावा, हेग स्थित भारतीय दूतावास और एचएसबीसी नीदरलैंड के सहयोग से आयोजित एक गोलमेज बैठक में 15 डच कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत की।
गोयल ने कहा कि भारत और नीदरलैंड के संबंधों में रणनीतिक साझेदारी का दर्जा मिलने और भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के संपन्न होने के बाद तेजी आई है। उन्होंने यूरोपीय बाजारों तक पहुंच बनाने में नीदरलैंड की महत्वपूर्ण भूमिका को भी रेखांकित किया।



