भारत तय वक्त से पहले हासिल कर लेगा 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा का लक्ष्य

नई दिल्ली ( दस्तक डेस्क) : केंद्र सरकार का कहना है कि वर्ष 2030 तक पांच सौ गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा का लक्ष्य हासिल करने के लिए भारत को करीब 220 अरब डॉलर जुटाने होंगे। भारत मंडपम में होने वाले भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन और एक्सपो इस निवेश को जुटाने में अहम भूमिका निभा सकता है। दो से पांच नवंबर तक चलने वाले सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। समापन समारोह में उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन हिस्सा लेंगे।
समापन समारोह में उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन हिस्सा लेंगे। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सचिव संतोष कुमार सारंगी ने बुधवार को मीडिया से बात करते हुए ये जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत 50 फीसदी हरित ऊर्जा का लक्ष्य समय से पहले हासिल कर चुका है और स्वघोषित समय से पहले 500 गीगावाट हरित ऊर्जा का लक्ष्य भी हासिल कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में आयोजित भारत आरई सम्मेलन के बाद दो साल में सरकार ने जहां हरित ऊर्जा क्षेत्र के लिए छह अरब डॉलर का निवेश किया, जिससे प्रोत्साहित होकर 64 अरब डॉलर का निजी निवेश आया।
इसमें 6.2 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश भी शामिल है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस सम्मेलन के बाद नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश में तेजी आने की संभावना है। सारंगी ने कहा कि वर्ष 2030 तक कुल अनुमानित निवेश में करीब 70 अरब डॉलर सौर ऊर्जा क्षेत्र में आने की उम्मीद है। जबकि 40-45 अरब डॉलर ट्रांसमिशन ढांचे में लगने की संभावना है। इसके बाद पवन ऊर्जा में करीब 25-30 अरब डॉलर, ग्रीन हाइड्रोजन में भी 25-30 अरब डॉलर और ऊर्जा भंडारण में अनुमानित 20 अरब डॉलर का निवेश आने की संभावना है। इसके साथ पारेषण क्षेत्र में 40 से 45 अरब डॉलर के साथ बायोएनर्जी में भी कई अरब डॉलर की जरुरत होगी।
सम्मेलन की थीम इनवेस्ट, इनोवेट, इंस्पायर रखा गया है। प्रधानमंत्री हरित ऊर्जा पर राज्यों की रैंकिंग भी जारी करेंगे। इसके साथ पीएम वर्ष 1947 से अब तक सौर ऊर्जा की देश की यात्रा की गाथा भी जारी करेंगे। सम्मेलन को दौरान राष्ट्रीय प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी होगी।
मंत्रालय के अनुसार भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन में हरित ऊर्जा से जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा होगी। इसमें 130 से अधिक देशों के 75,000 हजार से अधिक प्रतिनिधियों के हिस्सा लेने की उम्मीद है। इसमें 14 राज्यों और 70 देशों के विशेष सत्रों का आयोजन होगा। विदेशों से 40 मंत्रियों सहित 835 राजनयिकों ने अब तक अपनी उपस्थिति की पुष्टि की है। सम्मेलन और प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें 400 एग्जिबिटर और पांच सौ अधिक वक्ता होंगे।



