
नई दिल्ली: विधान परिषद चुनाव के नतीजों को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए उन्हें पहले अपनी पार्टी के प्रदर्शन का विश्लेषण करने की नसीहत दी है। उन्होंने वाराणसी, नागपुर, लखनऊ, प्रयागराज और पटना का जिक्र करते हुए बेरोजगारी, महंगाई और निजी निवेश में सुस्ती जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरा। जयराम रमेश ने गुरुवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर कहा कि कांग्रेस की सीटों पर टिप्पणी करने से पहले प्रधानमंत्री को अपनी पार्टी के चुनावी प्रदर्शन पर भी विचार करना चाहिए।
‘प्रवचनमंत्री जी को आत्मविश्लेषण की जरूरत’, वाराणसी और नागपुर का किया जिक्र
जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि दूसरों को नसीहत देने के बजाय उन्हें खुद के प्रदर्शन का आकलन करना चाहिए। उन्होंने वाराणसी और नागपुर के चुनावी नतीजों का उल्लेख करते हुए भाजपा से सवाल किया कि प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी की दोनों सीटों पर पार्टी को हार का सामना क्यों करना पड़ा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के गढ़ माने जाने वाले नागपुर में कांग्रेस ने भाजपा को कैसे मात दी।
कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री से बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों पर ध्यान देने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि देश में करोड़ों परिवार बढ़ती महंगाई से परेशान हैं, युवाओं के सामने रोजगार का संकट है और निजी निवेश की रफ्तार सुस्त पड़ी है। उनके मुताबिक, सरकार को इन समस्याओं पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और अहंकार छोड़कर जनता के मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।
कर्नाटक एमएलसी चुनाव के नतीजों के बाद बढ़ी बयानबाजी
भाजपा और कांग्रेस के बीच यह जुबानी जंग हालिया विधान परिषद चुनावों के नतीजों के बाद तेज हुई है। 28 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक विधान परिषद चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के चारों सीटों पर जीत दर्ज करने के बाद कांग्रेस पर निशाना साधा था।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक में हुए विधान परिषद चुनावों का उल्लेख किया था। उन्होंने कहा था कि इन चार राज्यों में 28 सीटों के लिए चुनाव हुए और मतदान मतपत्रों के जरिए कराया गया। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए तंज कसा था।
उत्तर प्रदेश के एमएलसी नतीजों को लेकर भी आमने-सामने हैं भाजपा-कांग्रेस
उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव के नतीजों को लेकर भी दोनों दलों के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिले हैं। कांग्रेस नेता अजय राय ने दावा किया था कि चुनाव परिणामों में भाजपा कमजोर हुई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में वाराणसी से जीत को लेकर भी आरोप लगाए थे। हालांकि, ये अजय राय के राजनीतिक आरोप हैं।
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के लिए हुए चुनाव में भाजपा ने छह सीटें जीती थीं, जबकि समाजवादी पार्टी के खाते में पांच सीटें आई थीं। वाराणसी और आगरा की सीटों पर समाजवादी पार्टी ने जीत दर्ज की थी। इन नतीजों के बाद विपक्षी दलों ने भाजपा के प्रदर्शन पर सवाल उठाए, जबकि चुनावी आंकड़ों को लेकर सियासी बयानबाजी लगातार जारी है।



