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नागपुर MLC चुनाव में कांग्रेस के अभिजीत वंजारी की लगातार दूसरी जीत, कभी बीजेपी का मजबूत गढ़ थी यह सीट

नागपुर: महाराष्ट्र के नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस नेता अभिजीत गोविंदराव वंजारी ने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की है। कभी भारतीय जनता पार्टी का मजबूत गढ़ माने जाने वाली इस सीट पर वंजारी की जीत को कांग्रेस के लिए अहम माना जा रहा है। उन्होंने इससे पहले दिसंबर 2020 में भी इस सीट पर विजय हासिल की थी। पेशे से अधिवक्ता और शिक्षाविद् अभिजीत वंजारी लंबे समय से कांग्रेस की राजनीति में सक्रिय हैं। पिछली जीत के बाद एक बार फिर इस सीट पर अपना प्रतिनिधित्व कायम रखकर उन्होंने अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत की है।

2020 में 18 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से जीते थे वंजारी

अभिजीत वंजारी ने वर्ष 2020 में महा विकास अघाड़ी के उम्मीदवार के तौर पर नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा था। उस चुनाव में उन्होंने 18 हजार से अधिक मतों के अंतर से जीत हासिल की थी। नागपुर सीट पर लंबे समय तक बीजेपी का दबदबा रहा था, ऐसे में वंजारी की पहली जीत ने राज्य की राजनीति में खास ध्यान खींचा था। अब लगातार दूसरी बार जीत दर्ज कर उन्होंने इस निर्वाचन क्षेत्र में अपना प्रभाव बनाए रखा है।

राजनीतिक परिवार से है अभिजीत वंजारी का नाता

अभिजीत वंजारी का संबंध नागपुर के राजनीतिक परिवार से है। उनके पिता स्वर्गीय गोविंदराव मारोतराव वंजारी दक्षिण नागपुर विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रह चुके थे। पारिवारिक राजनीतिक पृष्ठभूमि के साथ अभिजीत ने शिक्षा के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाई है।

उन्होंने राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय से कला स्नातक और विधि स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके अलावा वह नागपुर विश्वविद्यालय की सीनेट और प्रबंधन परिषद के सदस्य के रूप में भी अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

छात्र राजनीति से शुरू हुआ सफर, कांग्रेस में निभाईं कई जिम्मेदारियां

अभिजीत वंजारी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत छात्र राजनीति से की थी। वर्ष 1998 से 2002 तक वह महाराष्ट्र प्रदेश भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के महासचिव रहे। इसके बाद उन्हें महाराष्ट्र प्रदेश युवा कांग्रेस में सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई।

वह कई वर्षों तक नागपुर जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव और मुख्य प्रवक्ता भी रहे। इसके अलावा उत्तर प्रदेश और बिहार समेत दूसरे राज्यों में कांग्रेस के चुनाव पर्यवेक्षक के तौर पर काम कर चुके हैं। संगठन में अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाने के बाद उन्होंने राज्य की राजनीति में अपनी पहचान बनाई।

विधानसभा चुनावों में दो बार मिली थी हार

विधान परिषद में लगातार दूसरी जीत दर्ज करने वाले अभिजीत वंजारी विधानसभा चुनावों में भी अपनी किस्मत आजमा चुके हैं। उन्होंने वर्ष 2005 में दक्षिण नागपुर विधानसभा उपचुनाव और 2014 में पूर्व नागपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था। हालांकि, दोनों ही चुनावों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद वह कांग्रेस संगठन और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय बने रहे।

शिक्षा और सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय हैं वंजारी

राजनीति के अलावा अभिजीत वंजारी शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में भी काम कर रहे हैं। वह नागपुर की अमर सेवा मंडल शिक्षण संस्था के सचिव हैं। यह संस्था विदर्भ क्षेत्र में इंजीनियरिंग, फार्मेसी, कानून, प्रबंधन और कला-विज्ञान से संबंधित कई कॉलेज संचालित करती है।

इसके साथ ही वह गोविंद अर्बन क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी के अध्यक्ष भी हैं। गोविंदराव वंजारी फाउंडेशन के माध्यम से स्वास्थ्य शिविर, रक्तदान अभियान, पौधरोपण और युवाओं के विकास से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस तरह राजनीतिक गतिविधियों के साथ शिक्षा और सामाजिक कार्यों में भी उनकी सक्रिय भूमिका बनी हुई है।

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