आज ही के दिन भारत बना था UN का सदस्य, जानिए भारत UN संबंधों का इतिहास

नई दिल्ली ( दस्तक डेस्क) : संयुक्त राष्ट्र के चार्टर में विश्वास भारत की विदेश नीति का एक प्रमुख सिद्धांत है लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत का यूएन से रिश्ता कब और कैसे बना। जब हम 30 अक्टूबर यानी आज के दिन का इतिहास देखते हैं तो हमें पता चलता है कि भारत की संयुक्त राष्ट्र के साथ संबंध की यात्रा औपचारिक और आधिकारिक तौर पर आज ही के दिन शुरू हुई थी । 30 अक्टूबर ही वो दिन था जब भारत संयुक्त राष्ट्र का सदस्य बना था और दिलचस्प बात तो ये है कि भारत इसका संस्थापक सदस्य ( Founder member) है। ऐतिहासिक तौर पर देखें तो ब्रिटिश राज से स्वतंत्र होने से पहले ही (1 जनवरी 1942 को वाशिंगटन में ‘डिक्लेरेशन बाय यूनाइटेड नेशंस’ पर हस्ताक्षर कर) भारत इसका हिस्सा बन गया था।
भारत ने 26 जून 1945 को सैन फ्रांसिस्को में संयुक्त राष्ट्र चार्टर पर हस्ताक्षर किए और 30 अक्टूबर 1945 को इसकी पुष्टि (Ratification) कर आधिकारिक रूप से शामिल हुआ। सैन फ्रांसिस्को सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सर आर. रामास्वामी मुदालियर ने किया था। वे बाद में संयुक्त राष्ट्र की आर्थिक एवं सामाजिक परिषद (ECOSOC) के पहले अध्यक्ष बने थे।

वहीं भारत के प्रारंभिक नेतृत्व की बात करें तो विजया लक्ष्मी पंडित 1953 में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की पहली महिला और भारतीय अध्यक्ष बनीं थीं। हंसा मेहता ने मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा (UDHR) में लैंगिक समानता की भाषा (“सभी मनुष्य” आदि) सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई थी। इस प्रकार भारत UN के विकास की यात्रा का एक महत्वपूर्ण साझेदार रहा है।

भारत ने 1946 में दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद (Apartheid) का मुद्दा पहली बार संयुक्त राष्ट्र में उठाया। 1960 के उपनिवेशवाद विरोधी ऐतिहासिक घोषणा-पत्र का भारत सह-प्रायोजक (Co-sponsor) रहा। भारत संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में सबसे बड़े और पुराने योगदानकर्ताओं में से एक रहा है। 2,90,000 से अधिक भारतीय सैनिक अब तक 50 से अधिक शांति मिशनों में सेवा दे चुके हैं।

2007 में लाइबेरिया में दुनिया का पहला महिला शांतिरक्षक दस्ता भारत ने ही तैनात किया था।भारत 8 बार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य रह चुका है (अंतिम बार 2021-22 में)।
भारत वर्तमान में G4 समूह (भारत, जापान, जर्मनी, ब्राजील) के माध्यम से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता की पुरजोर मांग कर रहा है। भारत की पहल पर संयुक्त राष्ट्र ने हर साल 21 जून को ‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’ घोषित किया। आतंकवाद के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस की नीति के तहत 1996 में ‘अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक कन्वेंशन’ (CCIT) का मसौदा भारत ने ही प्रस्तावित किया था। इस तरह भारत ने हमेशा एक जिम्मेदार सदस्य के रूप में यूएन में अपनी भूमिका निभाई।



