
रांची: झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने भारत में नेपाल और बांग्लादेश जैसे हालात पैदा होने संबंधी अपने बयान पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि उनकी बातों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया। मंत्री के मुताबिक, उनकी मांग केवल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी अपील की कि ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाया जाए। ऐसा होने पर देश में शांति कायम हो जाएगी।
‘मैंने सिर्फ ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की थी’
अपने बयान को लेकर सफाई देते हुए इरफान अंसारी ने कहा कि उनका कहना था कि ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया जाना चाहिए। उनकी बात का गलत अर्थ निकाला जा रहा है। उन्होंने दोहराया कि उनकी मांग सिर्फ मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की है और इसके बाद देश में शांति हो जाएगी।
बांग्लादेश और नेपाल का उदाहरण देकर रखी अपनी बात
मंत्री ने कहा कि बांग्लादेश में लोगों ने सरकार चुनी थी, लेकिन उस सरकार ने उनकी बात नहीं सुनी। इसी तरह नेपाल में युवाओं ने सरकार चुनी, लेकिन उनकी अनदेखी की गई। इरफान अंसारी ने कहा कि उनका मानना है कि भारत में भी आपातकाल जैसे हालात बन सकते हैं।
उन्होंने कहा कि जब लोगों के अधिकार छीन लिए जाते हैं तो उनके पास क्या विकल्प बचता है? ऐसे में लोग सड़कों पर उतरेंगे और अपनी बात कहां रखेंगे? हालांकि, उन्होंने भरोसा जताया कि राहुल गांधी जनता को शांत रखेंगे।
PM मोदी से भी की एक अपील
इरफान अंसारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हुए कहा कि उनकी सिर्फ एक मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया जाए। उन्होंने फिर कहा कि उनकी बात को गलत तरीके से पेश किया गया है और वह केवल ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग कर रहे हैं।
किस बयान पर शुरू हुआ था विवाद?
दरअसल, झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने इससे पहले कहा था कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समय रहते सतर्कता नहीं दिखाई तो भारत में बांग्लादेश और नेपाल से भी बदतर स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने देश को तबाही के कगार पर बताया था।
मंत्री ने दावा किया था कि दिल्ली में उनकी मुलाकात छात्रों से हुई है। उनके मुताबिक, छात्र-छात्राओं ने बताया कि दिल्ली में करीब 40 लाख युवा सड़कों पर हैं और राहुल गांधी के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं।
‘राहुल गांधी ने युवाओं को रोक रखा है’
अपने पहले के बयान में इरफान अंसारी ने दावा किया था कि युवा केवल एक आदेश का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन राहुल गांधी ने फिलहाल उन्हें रोक रखा है। उन्होंने सवाल उठाया था कि यदि 40 लाख युवा सड़कों पर उतर आएं तो केंद्र सरकार उन्हें रोकने के लिए कितनी सेना बुलाएगी और उन्हें कैसे रोका जा सकेगा।
मंत्री ने यह भी कहा था कि किसान, दलित, आदिवासी और मुसलमान परेशान हैं। उनके अनुसार, केंद्र सरकार उनकी समस्याएं सुनने को तैयार नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया था कि जब लोगों की बात नहीं सुनी जा रही है तो वे अपनी समस्याएं लेकर आखिर कहां जाएं।



