अन्तर्राष्ट्रीय

‘प्रचंड बहुमत’ के बाद बोले मुइज्जू-चुनाव नतीजों से साफ हुआ मालदीव के लोग क्या चाहते

माले: मालदीव के संसदीय चुनाव में ‘प्रचंड बहुमत’ हासिल करने वाले राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अब पता चल गया होगा कि विशेष रूप से ‘‘संप्रभुता और स्वतंत्रता” के मुद्दे पर इस देश के लोग क्या चाहते हैं। चीन समर्थक मुइज्जू का यह बयान चुनावी जीत से जुड़े एक समारोह के दौरान सोमवार को आया था। उनके नेतृत्व वाली पीपुल्स नेशनल कांग्रेस (पीएनसी) ने रविवार को हुए चुनाव में 93 में से 68 सीट पर जीत हासिल की, जबकि उसके गठबंधन सहयोगियों मालदीव नेशनल पार्टी (एमएनपी) ने एक और मालदीव डेवलपमेंट अलायंस (एमडीए) ने दो सीट जीतीं।

इस तरह पीएनसी और उसके सहयोगी दलों को संसद (पीपुल्स मजलिस) में दो-तिहाई से अधिक बहुमत हासिल हुआ है। भारत समर्थक नेता माने जाने पूर्व राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह की पार्टी मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी (एमडीपी) को केवल 15 सीट पर जीत मिली। संसद में बहुमत मिलने का मतलब है कि मुइज्जू की पार्टी का न केवल सांसदों पर बल्कि विधायिका पर भी नियंत्रण होगा जो कानूनों का अनुमोदन करती है। इसमें अब तक दो परस्पर विरोधी गठबंधन थे और सरकार एवं विधायिका के बीच टकराव के कई उदाहरण देखने को मिले हैं। संसदीय चुनाव में पीएनसी को मिले ‘प्रचंड बहुमत’ को मुइज्जू की चीन समर्थक विदेश नीति को मजबूत समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है। हिंद महासागर में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थान पर स्थित इस द्वीपीय राष्ट्र के चुनाव नतीजों पर भारत और चीन, दोनों देश करीबी नजर रखे हुए थे।

मुइज्जू (45) देश से भारतीय सैनिकों को वापस भेजने के अपने वादे के सहारे सत्ता में आए और नवंबर 2023 में पदभार संभालने के बाद चीन का दौरा किया तथा बीजिंग के साथ रक्षा सहित अन्य क्षेत्रों में माले के संबंध प्रगाढ़ किए। संसदीय चुनाव से पहले, सोलिह की पार्टी एमडीपी ने भारत के साथ संबंध बहाल करने की हिमायत की थी। मुइज्जू ने कहा, ‘‘हम एक गौरवशाही राष्ट्र हैं जो संप्रभुता और स्वतंत्रता से प्रेम करता है जिसे हमने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के समक्ष भी प्रदर्शित किया है।” मुइज्जू ने मालदीव को उपहार में दिये तीन विमानन प्लेटफॉर्म पर तैनात 88 भारतीय सैन्य कर्मियों की स्वदेश वापसी के लिए दबाव बनाया। तीन में दो बैच मालदीव से जा चुके हैं। सनडॉटएमवी समाचार पोर्टल के अनुसार, राष्ट्रपति मुइज्जू ने किसी देश का नाम लिये बिना कहा कि संसदीय चुनाव यह भी साबित करता है कि मालदीव ‘‘विदेशी बल प्रयोग के बिना अपने भविष्य को चुनने के लिए स्वायत्तता चाहता है।”

राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘गुप्त एजेंडा रखने वालों के लिए भी स्पष्ट हो गया है कि मालदीव क्या चाहता है।” उन्हें अधाधुडॉटकॉम ने उद्धृत करते हुए कहा, ‘‘मालदीव के बाहर हर कोई…अंतरराष्ट्रीय समुदाय में सभी के लिए यह अब स्पष्ट हो गया है कि हम अपने मुद्दों को खुद से करना चाहते हैं।” उन्होंने अपने विजय भाषण में किसी देश का नाम नहीं लिया था। हालांकि, मुइज्जू और पीएनसी के अन्य नेताओं ने बार-बार आरोप लगाया था कि भारत ने अतीत में इसके आंतरिक मामलों को प्रभावित किया है। सोमवार के अपने संबोधन में मुइज्जू ने यह भी दावा किया कि चुनाव परिणाम इसका सबूत है कि मालदीव अपने भविष्य को गढ़ने में इस्लाम और इसके सिद्धांतों का अनुसरण करना जारी रखेगा। इस बीच, स्पीकर मोहम्मद असलम ने ऐलान किया कि संसद के नवनिर्वाचित सदस्यों को 28 मई को शपथ ग्रहण दिलायी जाएगी।

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