
एमएलसी चुनाव से पहले अखिलेश यादव की अधिकारियों को चेतावनी, बोले- जेल जाने की तैयारी रखें; वोटों में धांधली बर्दाश्त नहीं
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में विधान परिषद चुनाव से ठीक पहले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अधिकारी अपनी जिम्मेदारी निष्पक्षता से निभाएं और किसी राजनीतिक दल के कार्यकर्ता की तरह काम न करें। अखिलेश ने चेतावनी दी कि चुनाव में गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ तथ्य और सबूत जुटाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर अधिकारी पार्टी कार्यकर्ता बनकर काम करेंगे, तो उन्हें जेल जाने के लिए भी तैयार रहना चाहिए।
शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार और ट्रांसफर-पोस्टिंग पर उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने शिक्षा विभाग में कथित भ्रष्टाचार और तबादलों व नियुक्तियों में पैसे लिए जाने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इस मामले में बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) और जिला विद्यालय निरीक्षकों (डीआईओएस) की जिम्मेदारी भी तय होगी।
उन्होंने अयोध्या-फैजाबाद चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भी अधिकारियों को चेतावनी दी गई थी। अखिलेश के मुताबिक, आज नहीं तो कल जब सत्ता में बदलाव होगा, तब कानून और न्याय के तहत कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने चुनाव आयोग और अधिकारियों से निष्पक्ष रहने तथा वोटों की चोरी और हेराफेरी रोकने की अपील की।
डीआईओएस और बीएसए पर शिक्षकों को धमकाने का आरोप
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा बिना धांधली के चुनाव नहीं जीत सकती। उनके मुताबिक, शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव में शिक्षा विभाग के अधिकारियों को शिक्षकों पर दबाव बनाने और बेईमानी करने की जिम्मेदारी दी जा रही है।
अखिलेश यादव ने दावा किया कि डीआईओएस और बीएसए फोन करके शिक्षकों को धमका रहे हैं। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया।
मंत्रियों और भाजपा नेताओं तक कैसे पहुंची मतदाता सूची?
अखिलेश यादव लखनऊ के मोहान रोड स्थित काकोरी के अभिनंदन रिसॉर्ट में मलिहाबाद विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के पूर्व प्रत्याशी सोनू कनौजिया के पिता स्वर्गीय राम गोपाल कनौजिया को श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने एमएलसी चुनाव की मतदाता सूची को लेकर सवाल उठाए।
अखिलेश ने दावा किया कि मतदाता सूची आम लोगों के पास उपलब्ध नहीं है, लेकिन भाजपा के मंत्रियों और नेताओं के पास पहुंच गई है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर उन्हें यह सूची कैसे मिली। सपा प्रमुख ने आशंका जताई कि इसके लिए किसी कंपनी की मदद ली गई होगी और मतदाताओं को फोन के जरिए प्रचार संबंधी संदेश दिए जा रहे हैं।
उनका इशारा उपमुख्यमंत्री के नाम से की जा रही कथित वॉयस कॉलिंग की ओर था। अखिलेश ने सपा कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने और ऐसी कॉल रिकॉर्ड करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पार्टी के पास अयोध्या-फैजाबाद चुनाव से जुड़ी रिकॉर्डिंग भी मौजूद है।
एलडीए को बताया भ्रष्टाचार का अड्डा
अखिलेश यादव ने लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग को भाजपा सरकार ने भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया है और यहां पैसा इकट्ठा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान अपनी सत्ता बचाने पर है और जांच के दौरान कई अधिकारियों तथा अन्य लोगों के नाम सामने आ सकते हैं।
उन्होंने सनातन धर्म का जिक्र करते हुए कहा कि भेदभाव करने वाला, सच न बोलने वाला और दूसरों के प्रति प्रेम नहीं रखने वाला व्यक्ति खुद को सनातनी कैसे कह सकता है। अखिलेश ने भाजपा पर आस्था और श्रद्धा के साथ खिलवाड़ करने का भी आरोप लगाया।
एसआईआर के बाद भी एक व्यक्ति के चार वोट होने का दावा
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर अखिलेश यादव ने सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि पुनरीक्षण के बाद भी एक व्यक्ति के नाम पर चार या दस वोट दर्ज होने जैसी गड़बड़ियां सामने आ रही हैं।
उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया पर करोड़ों रुपये खर्च हुए और 29 बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) की जान गई, लेकिन अब निर्वाचन आयोग कथित गड़बड़ियों को छोटी-मोटी गलतियां बता रहा है। अखिलेश ने इसे बड़ी चूक बताते हुए कहा कि पीडीए प्रहरियों की वजह से मतदाता सूची की खामियों को सामने लाने में मदद मिली है।
सपा प्रमुख ने विधान परिषद उम्मीदवारों को जिताने की अपील की
अखिलेश यादव ने स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवारों को जिताने और उनकी मदद करने की अपील की। स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए पार्टी ने आगरा-अलीगढ़ से शशांक यादव, लखनऊ से कांति सिंह, इलाहाबाद-झांसी से डॉ. मान सिंह, वाराणसी-मिर्जापुर से आशुतोष सिन्हा और मेरठ-सहारनपुर से प्रमेन्द्र सिंह को प्रत्याशी बनाया है।
वहीं, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में आगरा-अलीगढ़ से डॉ. आकाश अग्रवाल, लखनऊ से सुशील पटेल, गोरखपुर-फैजाबाद से डॉ. संजयन त्रिपाठी, बरेली-मुरादाबाद से हाजी मोहम्मद दानिश अख्तर, वाराणसी-मिर्जापुर से लाल बिहारी यादव और मेरठ-गाजियाबाद से नितिन तोमर पार्टी के उम्मीदवार हैं। अखिलेश यादव ने पार्टी कार्यकर्ताओं से इन सभी प्रत्याशियों के समर्थन में जुटने और उन्हें चुनाव जिताने की अपील की।



