जापान में AMRAAM मिसाइल असेंबली प्लांट लगाएंगे अमेरिका और जापान

नई दिल्ली ( दस्तक डेस्क) : अमेरिका और जापान ने जापान में AMRAAM हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल के अंतिम असेंबली और निरीक्षण केंद्र की स्थापना पर सहमति जताई है। जापान ने इसे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोगी देशों के बीच मिसाइल उत्पादन की दिशा में एक महत्वपूर्ण समझौता बताया है।
जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी ने बुधवार को फिलीपींस के सेबू में अमेरिका के युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ के साथ बैठक के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह घोषणा की। दोनों नेताओं की मुलाकात आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस (ADMM-Plus) से इतर हुई थी।कोइजुमी ने कहा, “हम आखिरकार जापान में AMRAAM हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल के अंतिम असेंबली और निरीक्षण केंद्र की स्थापना पर सहमत हो गए हैं। यह मिसाइल F-35 लड़ाकू विमान के लिए भी महत्वपूर्ण है।” उन्होंने कहा कि यह समझौता न केवल जापान और अमेरिका की रक्षा उपकरणों की जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगा, बल्कि जापान के रक्षा औद्योगिक आधार को भी मजबूत करेगा।
कोइजुमी के मुताबिक, दोनों देशों ने संयुक्त रूप से विकसित SM-3 ब्लॉक IIA मिसाइल का उत्पादन बढ़ाने के लिए जरूरी तकनीकी जानकारी साझा करने पर भी सहमति जताई है। यह मिसाइल समुद्र आधारित बैलिस्टिक मिसाइल इंटरसेप्टर है।
ऑपरेशन सुपरचार्ज का हिस्सा:
ये दोनों पहल ‘ऑपरेशन सुपरचार्ज’ का हिस्सा हैं। जापान के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, कोइजुमी ने 30 मई को सिंगापुर में हेगसेथ के साथ बैठक के दौरान इस पहल का प्रस्ताव रखा था। इसका उद्देश्य SM-3 ब्लॉक IIA और AMRAAM जैसी मिसाइलों के संयुक्त विकास और उत्पादन सहित द्विपक्षीय प्रयासों को तेज करना है।हालांकि, पेंटागन की ओर से जारी बैठक के विवरण में AMRAAM असेंबली केंद्र का उल्लेख नहीं किया गया। इसमें कहा गया कि हेगसेथ ने जापान की रक्षा औद्योगिक क्षमता मजबूत करने के प्रयासों का स्वागत किया और दोनों नेताओं ने महत्वपूर्ण रक्षा हथियारों के उत्पादन पर करीबी समन्वय जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई।बैठक में रक्षा निवेश बढ़ाने, सैन्य पहुंच और मौजूदगी का विस्तार करने, वास्तविक परिस्थितियों पर आधारित सैन्य अभ्यास और लाइव-फायर अभ्यास तथा फर्स्ट आइलैंड चेन में क्षेत्रीय रक्षा अभियानों पर भी चर्चा हुई।कोइजुमी ने प्रस्तावित संयंत्र के लिए जापानी औद्योगिक साझेदार, स्थान, स्थापना की समयसीमा या उत्पादन क्षमता के बारे में कोई जानकारी नहीं दी।
AMRAAM मिसाइल के बारे में
AMRAAM मिसाइल का निर्माण अमेरिकी कंपनी RTX की इकाई रेथियॉन करती है। इसका इस्तेमाल F-35 सहित कई लड़ाकू विमानों और जमीन आधारित वायु रक्षा प्रणालियों में किया जाता है। सितंबर में पेंटागन ने रेथियॉन को AMRAAM मिसाइलों की आपूर्ति के लिए 20.7 अरब डॉलर तक का बहुवर्षीय अनुबंध दिया था। इससे पहले हुए एक रूपरेखा समझौते में हर साल कम से कम 1,900 मिसाइलों के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया था।
जापान में प्रस्तावित संयंत्र हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोगी देशों के साथ रक्षा हथियारों का संयुक्त उत्पादन बढ़ाने की अमेरिका की व्यापक पहल का नया कदम है। वाशिंगटन और उसके सहयोगियों ने चीन की बढ़ती सैन्य क्षमता को लेकर चिंता जताई है। जापान के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, मई में हुई बैठक में कोइजुमी और हेगसेथ ने ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया और फिलीपींस के साथ रक्षा सहयोग पर भी चर्चा की थी। जापान ने हाल के वर्षों में रक्षा उपकरणों के निर्यात से जुड़े नियमों में भी ढील दी है। कोइजुमी ने मई में हेगसेथ को इस बदलाव की जानकारी दी थी।



