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उत्तराखंड में STF का बड़ा एक्शन: कट्टरपंथी नेटवर्क पर सर्जिकल स्ट्राइक, हथियारों के साथ आरोपी गिरफ्तार; पाकिस्तान-मलेशिया कनेक्शन की जांच तेज

रुद्रपुर: उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने राज्य में कथित कट्टरपंथी और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ऊधम सिंह नगर जिले के गदरपुर से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी का दावा है कि आरोपी इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं को प्रभावित कर कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़ने और सामाजिक सौहार्द व राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ गतिविधियों को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहा था।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोहम्मद सलाउद्दीन पुत्र अब्दुल मलिक निवासी मजरासीला, गदरपुर के रूप में हुई है। STF ने उसे पहले पूछताछ के लिए हिरासत में लिया और बाद में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तार कर लिया।

मोबाइल जांच में मिले संदिग्ध चैट और समूह

एसटीएफ के मुताबिक आरोपी के मोबाइल फोन की जांच के दौरान इंस्टाग्राम, टेलीग्राम और सिग्नल जैसे प्लेटफॉर्म पर कई संदिग्ध समूह, चैट और सामग्री मिली है। प्रारंभिक जांच में कथित रूप से जिहादी और कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़े संदेश सामने आए हैं। एजेंसी का कहना है कि कुछ चैट में युवाओं को भटकाने और उग्र विचारधारा की ओर प्रेरित करने के संकेत भी मिले हैं।

देर रात छापेमारी में हथियार और डेटोनेटर बरामद

पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर STF ने देर रात विशेष सर्च ऑपरेशन चलाया। इस कार्रवाई में एक इंग्लिश पिस्टल, पांच कारतूस, चार डेटोनेटर और एके-47 राइफल के दो कारतूस बरामद किए गए। बरामदगी के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने मामले की जांच का दायरा और बढ़ा दिया है।

अंतरराज्यीय नेटवर्क की तलाश में यूपी में भी दबिश

एसटीएफ को जांच के दौरान कुछ ऐसे सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। इसी क्रम में उत्तराखंड की विशेष टीम उत्तर प्रदेश में भी संभावित संदिग्धों के ठिकानों पर दबिश दे रही है। जांच में उत्तर प्रदेश के रामपुर निवासी एक व्यक्ति से आरोपी के संपर्क की जानकारी भी सामने आई है, जिसकी भूमिका की पड़ताल की जा रही है।

हथियारों और विस्फोटक सामग्री से जुड़ी बातचीत की जांच

जांच एजेंसी के अनुसार आरोपी के डिजिटल डाटा में हथियारों और विस्फोटक सामग्री के भंडारण तथा उनकी आवाजाही से संबंधित संदिग्ध बातचीत भी मिली है। इन जानकारियों की तकनीकी और फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। साथ ही यह भी सामने आया है कि आरोपी ने कुछ चैट और संपर्कों को डिलीट करने की कोशिश की थी।

पाकिस्तान और मलेशिया कनेक्शन की जांच में जुटी STF

पूछताछ के दौरान आरोपी के संभावित अंतरराष्ट्रीय संपर्कों के संकेत भी मिले हैं। STF के अनुसार शुरुआती जांच में पाकिस्तान और मलेशिया से जुड़े कुछ लिंक सामने आए हैं। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इन संपर्कों का दायरा कितना बड़ा है और क्या किसी विदेशी हैंडलर के जरिए आरोपी को संचालित किया जा रहा था। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़ी कई संवेदनशील जानकारियां मिली हैं, जिन्हें डिकोड करने का काम जारी है।

कई गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 152 और 61(2) के अलावा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66(सी) और 66(एफ) के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल उससे गहन पूछताछ की जा रही है और उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित लोगों की तलाश जारी है।

कार्रवाई में शामिल रही विशेष टीम

इस ऑपरेशन में एसटीएफ के निरीक्षक विकास चौधरी, उपनिरीक्षक विपिन जोशी, उपनिरीक्षक के.जी. मठपाल, हेड कांस्टेबल रविन्द्र बिष्ट, महेंद्र गिरी, सुरेंद्र कनवाल, कांस्टेबल जितेंद्र कुमार और किशन शर्मा शामिल रहे। वहीं साइबर थाना टीम से निरीक्षक धीरेन्द्र पंत, एएसआई दीपक जोशी और उस्मान ने भी कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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