मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले: किसानों को राहत, मंडी शुल्क में बदलाव; 15 जून तक पूरे होंगे सभी तबादले, विकास योजनाओं को मिली रफ्तार

भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में किसानों, कृषि, अधोसंरचना और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार कश्यप ने कैबिनेट निर्णयों की जानकारी दी। सरकार ने कृषि क्षेत्र को मजबूत करने, ग्रामीण विकास को गति देने और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को समयबद्ध बनाने पर जोर दिया है।
केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर बधाई प्रस्ताव
भोपाल: कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर बधाई प्रस्ताव पारित किया गया। मंत्री चैतन्य कुमार कश्यप ने कहा कि यह अवधि देश में विकास, सुशासन और जनकल्याण के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण रही है। साथ ही 5 जून से 21 जून तक प्रदेशभर में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने का अभियान चलाया जा रहा है।
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर
भोपाल: राज्य सरकार ने प्रत्येक जिले में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया है। इसके तहत किसानों को रसायन-मुक्त खेती के लाभों की जानकारी दी जाएगी और उन्हें तकनीकी मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाएगा ताकि वे वैकल्पिक कृषि पद्धतियों को अपना सकें।
15 जून तक पूरे होंगे प्रशासनिक तबादले
भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी मंत्रियों और विभागों को निर्देश दिए हैं कि नई तबादला नीति के तहत सभी प्रशासनिक स्थानांतरण की प्रक्रिया 15 जून तक हर हाल में पूरी कर ली जाए। सरकार का लक्ष्य प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है।
भोपाल मेट्रो परियोजना को अतिरिक्त वित्तीय सहायता
भोपाल: कैबिनेट ने भोपाल मेट्रो रेल परियोजना के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता को मंजूरी दी है। सरकार का मानना है कि इस निर्णय से परियोजना कार्यों में तेजी आएगी और राजधानी में आधुनिक एवं सुदृढ़ सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विकसित होगी।
किसानों को राहत, कपास पर मंडी शुल्क में कमी
भोपाल: किसानों को राहत देने के लिए सरकार ने कपास पर लगने वाले मंडी शुल्क में कटौती का फैसला लिया है। अब प्रति गठान मंडी शुल्क एक रुपये से घटाकर 50 पैसे कर दिया गया है। इससे कपास उत्पादक किसानों और व्यापारियों को आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
उर्वरक वितरण पर सख्त निगरानी व्यवस्था
भोपाल: खरीफ सीजन की तैयारियों को देखते हुए सरकार ने हर जिले में उर्वरक वितरण की निगरानी के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करने का निर्णय लिया है। साथ ही स्थानीय स्तर पर विधायक और मंत्री भी समन्वय की भूमिका निभाएंगे ताकि किसानों को समय पर खाद उपलब्ध हो सके।
मंडी टैक्स बढ़ाने का फैसला
भोपाल: कैबिनेट ने मंडी टैक्स को 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.5 प्रतिशत करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। सरकार का अनुमान है कि इस फैसले से हर साल लगभग 835 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा, जिसका उपयोग कृषि मंडियों के विकास, ग्रामीण सुविधाओं और गोसंवर्धन कार्यों में किया जाएगा।
कृषि सीजन की तैयारियों पर फोकस
भोपाल: सरकार ने आगामी खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए उर्वरक आपूर्ति, वितरण व्यवस्था और कृषि से जुड़ी अन्य तैयारियों की नियमित समीक्षा का निर्णय लिया है। उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो और कृषि कार्य सुचारू रूप से चल सकें।



