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हिमाचल की राजनीति में बड़ा उलटफेर! मार्च-अप्रैल में बन सकता है नया राजनीतिक दल, पूर्व BJP मंत्री के बयान से बढ़ी हलचल

शिमला: हिमाचल प्रदेश की राजनीति में एक नए राजनीतिक विकल्प की चर्चा तेज हो गई है। विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में वर्षों से चली आ रही दो-दलीय राजनीति को चुनौती देने की तैयारी के संकेत मिल रहे हैं। भाजपा से निष्कासित किए जा चुके पूर्व मंत्री रामलाल मारकंडा ने दावा किया है कि विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ लगातार संवाद चल रहा है और अगले साल मार्च-अप्रैल तक एक नई राजनीतिक पार्टी अस्तित्व में आ सकती है।

कांग्रेस और भाजपा के असंतुष्ट नेताओं से चल रही बातचीत

रामलाल मारकंडा ने कहा कि वह ऐसे नेताओं से संपर्क में हैं जो कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों में खुद को हाशिये पर महसूस कर रहे हैं। उनके मुताबिक पंचायत चुनाव के नतीजों का इंतजार किया जा रहा था और अब वरिष्ठ नेताओं के साथ बातचीत का दौर फिर से शुरू होगा।

पूर्व विधायक ने दावा किया कि सत्ता में बारी-बारी से आने वाली दोनों प्रमुख पार्टियों में कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता घुटन महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य को ऐसे राजनीतिक मंच की जरूरत है जो अनुभवी नेताओं को सम्मान दे और आम लोगों के हितों को प्राथमिकता में रखे।

2024 के उपचुनाव के बाद पार्टी से हुए थे बाहर

लाहौल-स्पीति से पूर्व विधायक रामलाल मारकंडा को वर्ष 2024 में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में विधानसभा उपचुनाव लड़ने के बाद भाजपा से निष्कासित कर दिया गया था। इसके बाद से वह लगातार वैकल्पिक राजनीतिक मंच की संभावनाओं पर काम कर रहे हैं।

नई पार्टी जल्द बने ताकि नेताओं को मिले तैयारी का समय

इस पूरी कवायद से जुड़े कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि नई पार्टी का गठन जल्द किया जाना चाहिए ताकि संभावित उम्मीदवारों और नेताओं को अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में संगठनात्मक काम करने का पर्याप्त समय मिल सके। उनका मानना है कि केवल गंभीर और सक्रिय नेताओं को ही इस पहल का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव के ठीक पहले नई पार्टी बनाना और उन नेताओं को शामिल करना जिन्हें प्रमुख दलों से टिकट नहीं मिला हो, अतीत में बहुत सफल रणनीति साबित नहीं हुई है।

भाजपा नेताओं ने भी बातचीत की पुष्टि की

भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने भी संकेत दिए कि इस संबंध में विभिन्न स्तरों पर बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि सभी संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है और राजनीतिक हालात पर नजर रखी जा रही है।

तीसरे मोर्चे की चर्चा पर बोले मुख्यमंत्री

नई पार्टी के गठन की संभावना पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में अतीत में भी कई बार तीसरे मोर्चे की कोशिशें हुई हैं और ऐसी संभावनाएं हमेशा बनी रहती हैं। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा कोई राजनीतिक घटनाक्रम होता है तो इसका असर कांग्रेस के बजाय उसके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों पर अधिक पड़ सकता है।

मुख्यमंत्री ने भाजपा को गुटों में बंटी हुई पार्टी बताते हुए कहा कि विपक्ष के भीतर आंतरिक असंतोष स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

मारकंडा का पलटवार, कांग्रेस पर भी साधा निशाना

रामलाल मारकंडा ने मुख्यमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए दावा किया कि कांग्रेस के भीतर भी खींचतान की स्थिति है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के समर्थकों को राजनीतिक रूप से कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि राज्य कांग्रेस में उनका प्रभाव अभी भी मजबूत माना जाता है।

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