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दिल्ली में अवैध निर्माण पर सबसे बड़ा बुलडोजर एक्शन! 217 इमारतें ध्वस्त, 237 संपत्तियां सील; MCD की सख्त चेतावनी

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में अवैध निर्माण, भवन नियमों के उल्लंघन और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के खिलाफ नगर निगम ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू कर दी है। विशेष अभियान के तहत अब तक 217 अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया जा चुका है, जबकि 237 संपत्तियों को सील किया गया है। नगर निगम की यह कार्रवाई हाल के वर्षों में अवैध निर्माणों के खिलाफ चलाए गए सबसे बड़े अभियानों में गिनी जा रही है।

भवन सुरक्षा और नियमों के पालन पर फोकस

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार इस अभियान का मकसद केवल अवैध निर्माणों को हटाना नहीं है, बल्कि भवन सुरक्षा, अग्नि सुरक्षा और शहरी नियोजन से जुड़े नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना भी है। प्रशासन का कहना है कि नियमों की अनदेखी भविष्य में गंभीर हादसों की वजह बन सकती है, इसलिए ऐसे मामलों में अब सख्त रुख अपनाया जा रहा है।

होटल में आग की घटना के बाद तेज हुई कार्रवाई

अभियान को नई गति मालवीय नगर स्थित एक होटल में आग लगने की घटना के बाद मिली। इस हादसे ने भवन सुरक्षा और नियामकीय अनुपालन को लेकर कई सवाल खड़े किए थे। इसके बाद नगर निगम ने विभिन्न जोनों में विशेष निरीक्षण अभियान शुरू किया और नियमों का उल्लंघन करने वाले भवनों व प्रतिष्ठानों की पहचान की।

निरीक्षण में सामने आईं कई गंभीर अनियमितताएं

नगर निगम के आंकड़ों के मुताबिक हाल के दिनों में बड़ी संख्या में आवासीय और व्यावसायिक भवनों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान कई जगहों पर अवैध निर्माण, स्वीकृत नक्शों से अलग निर्माण कार्य और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के मामले सामने आए। इसके बाद संबंधित संपत्ति मालिकों को नोटिस जारी किए गए और कई मामलों में सीलिंग व ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।

सैकड़ों नोटिस, लगातार जारी है कार्रवाई

अधिकारियों ने बताया कि अभियान के दौरान अवैध निर्माण से जुड़े सैकड़ों कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। साथ ही सीलिंग और ध्वस्तीकरण से संबंधित आदेश भी जारी किए गए हैं, ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा सके। प्रशासन का दावा है कि पूरी कार्रवाई कानूनी प्रावधानों के तहत की जा रही है।

जोन स्तर पर बढ़ी निगरानी

निरीक्षण के दौरान अलग-अलग जिलों और जोनों में कई अनियमितताओं की पहचान की गई। कई मामलों को आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित जोनल अधिकारियों को भेजा गया है। नगर निगम और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमें लगातार फील्ड में निगरानी कर रही हैं, ताकि नए अवैध निर्माणों को शुरुआती स्तर पर ही रोका जा सके।

बढ़ते शहरी दबाव के बीच सख्त रुख

प्रशासन का मानना है कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के दौर में भवन निर्माण नियमों का पालन बेहद जरूरी है। अनधिकृत निर्माण शहर की आधारभूत संरचना पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं और आग, भवन गिरने तथा अन्य दुर्घटनाओं के खतरे को बढ़ा देते हैं। इसी वजह से प्रवर्तन और निरीक्षण की प्रक्रिया को और अधिक सख्त बनाया गया है।

आगे भी जारी रहेगा अभियान

नगर निगम ने स्पष्ट कर दिया है कि यह अभियान फिलहाल रुकने वाला नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक राजधानी के किसी भी हिस्से में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए प्रशासन ने कहा कि अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई जारी रहेगी।

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