पंजाबराज्य

पंजाब में भाजपा का बड़ा ऐलान! 117 की 117 सीटों पर अकेले लड़ेगी चुनाव, गठबंधन के सभी कयास खारिज

नई दिल्ली: पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने बड़ा राजनीतिक दांव चल दिया है। पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव में वह राज्य की सभी 117 सीटों पर अपने दम पर चुनाव मैदान में उतरेगी। इसके साथ ही किसी भी दल के साथ संभावित गठबंधन की अटकलों पर भी फिलहाल विराम लग गया है।

दिल्ली में देर रात आयोजित पार्टी की उच्चस्तरीय बैठक में पंजाब की राजनीतिक रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के बाद नेताओं ने संकेत दिया कि पार्टी राज्य में पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने के लक्ष्य पर काम कर रही है।

117 सीटों पर जीत का दावा

बैठक के बाद प्रदेश नेतृत्व ने कहा कि पार्टी का मुख्य एजेंडा पंजाब का विकास है। भाजपा सभी 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी और राज्य में सरकार बनाने का प्रयास करेगी। नेताओं ने साफ कहा कि वर्तमान समय में किसी गठबंधन को लेकर कोई चर्चा नहीं चल रही है।

डबल इंजन सरकार पर फोकस

पार्टी नेताओं का कहना है कि पंजाब आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों से जूझ रहा है। ऐसे में राज्य को विकास की नई दिशा देने के लिए डबल इंजन सरकार की आवश्यकता है। इसी सोच के साथ भाजपा ने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है।

बैठक में पंजाब के सामने मौजूद विभिन्न मुद्दों, उनके समाधान और जनता की अपेक्षाओं पर भी चर्चा की गई। नेताओं ने कहा कि पार्टी राज्य की खोई हुई प्रतिष्ठा वापस दिलाने के लिए व्यापक रणनीति तैयार कर रही है।

मुख्यमंत्री पर साधा निशाना

बैठक के बाद भाजपा नेताओं ने राज्य की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में सुरक्षा संबंधी हालात चिंताजनक बने हुए हैं और सरकार कई मोर्चों पर अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर सकी है।

पार्टी नेताओं ने दावा किया कि भाजपा अपने विकास मॉडल, उपलब्धियों और अन्य राज्यों के अनुभवों को जनता के सामने रखेगी तथा इसी आधार पर लोगों का विश्वास हासिल करेगी।

चुनावी तैयारियों में तेजी

पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज हो रही हैं। भाजपा के इस ऐलान को राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। पार्टी अब संगठन विस्तार, जनसंपर्क अभियान और चुनावी रणनीति को लेकर अगले चरण की तैयारियों में जुट गई है।

उधर, राज्य में अन्य राजनीतिक दल भी चुनावी समीकरण मजबूत करने में लगे हुए हैं, जिससे आने वाले महीनों में पंजाब की राजनीति और अधिक दिलचस्प होने के संकेत मिल रहे हैं।

Related Articles

Back to top button