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2026 से प्रतिवर्ष आयोजित होगी न्यू इंडिया फाउंडेशन की बुक फेलोशिप

गैर-काल्पनिक लेखन को नई दिशा देने की पहल, शोधकर्ताओं और लेखकों के लिए बढ़ेंगे अवसर

नई दिल्ली : भारत में गंभीर गैर-काल्पनिक लेखन और शोध संस्कृति को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए न्यू इंडिया फाउंडेशन (NIF) ने घोषणा की है कि उसकी प्रतिष्ठित बुक फेलोशिप वर्ष 2026 से द्विवार्षिक (दो वर्ष में एक बार) के बजाय अब प्रतिवर्ष आयोजित की जाएगी। इसके अंतर्गत आवेदन प्रक्रिया हर वर्ष खुलेगी और लगभग तीन माह तक जारी रहेगी। पिछले लगभग दो दशकों से भारत की स्वतंत्रता-उपरांत यात्रा, सामाजिक परिवर्तन, राजनीति, संस्कृति और समकालीन विषयों पर गंभीर विमर्श को प्रोत्साहित करने वाली NIF बुक फेलोशिप अब और अधिक लेखकों, शोधकर्ताओं तथा विचारकों तक पहुंच बना सकेगी। यह फेलोशिप केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि चयनित फेलोज़ को मासिक वित्तीय सहयोग, संपादकीय मार्गदर्शन, विशेषज्ञ परामर्श (मेंटरशिप) तथा बौद्धिक समुदाय का सहयोग भी प्रदान करती है। यही कारण है कि इसे भारत की सबसे प्रतिष्ठित लेखन फेलोशिपों में गिना जाता है।

फाउंडेशन के अनुसार, यह परिवर्तन भारत में उभरते विमर्शों, नए शोध विषयों और बदलते सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्यों के अनुरूप अधिक सक्रिय और समावेशी भूमिका निभाने की दिशा में उठाया गया कदम है। इससे वे लेखक भी लाभान्वित होंगे जो पूर्व चयन प्रक्रिया में मामूली अंतर से पीछे रह गए थे और जिन्हें पुनः आवेदन के लिए दो वर्षों तक प्रतीक्षा करनी पड़ती थी। समय के साथ प्रतिवर्ष चयनित होने वाले फेलोज़ का विस्तृत नेटवर्क एक सशक्त बौद्धिक समुदाय का निर्माण करेगा, जो आने वाली पीढ़ियों के लेखकों को सहयोग, संवाद और मार्गदर्शन प्रदान कर सकेगा। इससे भारत में गंभीर गैर-काल्पनिक लेखन की सांस्कृतिक उपस्थिति भी अधिक सुदृढ़ होगी।

न्यू इंडिया फाउंडेशन की गवर्निंग बोर्ड सदस्य निराजा गोपाल जायल ने कहा, प्रतिवर्ष फेलोशिप आयोजित करना NIF की स्वाभाविक अगली यात्रा है। हमारा मानना रहा है कि गंभीर गैर-काल्पनिक लेखन भारत को स्वयं को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हम इस सहयोग को अधिक सुलभ, निरंतर और प्रभावी बनाना चाहते हैं। वहीं गवर्निंग बोर्ड सदस्य श्रीनाथ राघवन ने कहा, हर वर्ष प्राप्त होने वाले बड़ी संख्या में आवेदन इस बात का संकेत हैं कि भारत में गैर-काल्पनिक लेखन का महत्व निरंतर बढ़ रहा है। वार्षिक फेलोशिप चक्र इस क्षेत्र को विस्तार देने के साथ-साथ इसकी गुणवत्ता को भी समृद्ध करेगा।”

लगभग 20 वर्ष पूर्व स्थापित न्यू इंडिया फाउंडेशन का उद्देश्य स्वतंत्रता के बाद के भारत के इतिहास और परिवर्तनशील समाज को समझने के लिए गंभीर शोध और लेखन को प्रोत्साहित करना था। वर्तमान में संस्था NIF Book Fellowship, Translation Fellowship, तथा Kamaladevi Chattopadhyay NIF Book Prize जैसे प्रमुख कार्यक्रम संचालित करती है। पिछले दो दशकों में यह फेलोशिप लगभग 40 उच्च गुणवत्ता वाली गैर-काल्पनिक पुस्तकों को समर्थन प्रदान कर चुकी है, जिनमें राजनीतिक जीवनियों से लेकर सांस्कृतिक इतिहास और संस्मरण तक शामिल हैं।

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