एमसीयू की ‘कुलपति संवाद’ व्याख्यानमाला में ‘’सूचना प्रौद्योगिकी और आत्मनिर्भर भारत’ विषय पर प्रो. राज नेहरू ने रखे विचार भोपाल…
Read More »दस्तक-विशेष
संजय सक्सेना लखनऊ : उत्तर प्रदेश में दलित वोटर हमेशा से निर्णायक भूमिका में रहे हैं। दलितों के सहारे कांग्रेस…
Read More »‘कुलपति संवाद’ व्याख्यानमाला में ‘मीडिया में स्त्री मुद्दे’ विषय पर प्रो. आशा शुक्ला ने रखे विचार भोपाल : माखनलाल चतुर्वेदी…
Read More »डॉ. अनुरुद्ध वर्मा विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस पर विशेष उमेश यादव/राम सरन मौर्या: विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा वर्ल्ड एल्डर…
Read More »के.एन. गोविन्दाचार्य भाग 1 अंग्रेजों को भारत से भगाने की मुहिम के समय बहस चलती थी कि राजनैतिक आजादी पहले…
Read More »राम कुमार सिंह स्मृति शेष स्तम्भ: मानव जीवन कि आंतरिक व्यवस्था को समझने वालो का मत हैं कि एक इंसान…
Read More »विश्व रक्तदान दिवस पर विशेष (उमेश यादव/राम सरन मौर्य): प्रतिवर्ष 14 जून को विश्व रक्तदान दिवस मनाया जाता है।इस दिन…
Read More »के.एन. गोविन्दाचार्य यह सभी को ज्ञात है कि अंग्रेजों को भारत से खदेड़ने की मुहिम में बहुत प्रकार के लोग,…
Read More »के.एन. गोविन्दाचार्य भाग-6 2005-2020, विश्व पटल पर विश्व व्यापार संगठन निस्तेज होने लगा। Trade War के आसार नजर आने लगे।…
Read More »डॉ.धीरज फुलमती सिंह मुबंई: भारत मे लॉकडाउन में थोड़ी सी ढील मिलते ही भाजपा ने बिहार में चुनाव प्रचार का…
Read More »के.एन. गोविन्दाचार्य भाग 5 स्तम्भ: 1945 मे द्वितीय विश्व युद्ध समाप्त हुआ। भारी जनहानि हुई थी। मारक अस्त्रों मे एटम…
Read More »के.एन. गोविन्दाचार्य भाग 4 1965 से 80 के कालखंड मे सत्ताबल की परत चढ़ी। 1980 से 95 के बीच बाहुबल…
Read More »पूनम चंद्रवंशी जीवनशैली: कोरोना वायरस अभी ख़त्म नहीं हुआ है, लॉकडाउन को ख़त्म करना या सब कुछ खोल देना सरकार…
Read More »ज्ञानेन्द्र शर्मा प्रसंगवश स्तम्भ: बुन्देलखण्ड में कहावत है- ‘आन गाॅव की चिपड़ी सें घर की सूखी साजी’ अर्थात् दूसरे गाॅव…
Read More »भाग 3 के.एन. गोविन्दाचार्य स्तम्भ: अंग्रेजों ने 1750 से 1945 तक भारत की समाजव्यवस्था, अर्थव्यवस्था, राज्यव्यवस्था और सांस्कृतिक, धार्मिक व्यवस्था…
Read More »ज्ञानेन्द्र शर्मा प्रसंगवश स्तम्भ: अभी जबकि हम शुरू में पिछड़ जाने के बाद तेजी से कोरोना की रेस में आगे…
Read More »के.एन. गोविन्दाचार्य भाग 2 इसी सिलसिले में 1780 से 1802 तक चले Land Resettlement Act और 1860-1890 में जनगणना मे…
Read More »भाग 1 के.एन. गोविन्दाचार्य उपनिवेशवाद परिणामतः साम्राज्यवाद की कहानी पिछले लगभग 500 वर्षों की है। 1490 से 1500 के बीच…
Read More »कन्हैया पांडे अब किसान अपनी पसंद की जगह बेचेगा अपना उत्पाद नई दिल्ली: कहते हैं असली भारत गांवों में बसता…
Read More »के.एन. गोविन्दाचार्य विश्व में ई. 1500 से प्रारंभ हुए उपनिवेशवाद की अमानुषिकता के लक्षण थे : लूट, हथियारवाद, शोषण, अत्याचार,…
Read More »प्रशांत कुमार पुरुषोत्तम नई दिल्ली: मनुष्य की तीन आधारभूत आवश्यकताएँ होती हैं-रोटी, कपड़ा और मकान। रोटी उसकी प्राथमिक आवश्यकता है।…
Read More »डॉ.धीरज फुलमती सिंह मुबंई: बुधवार 27 मई को सुबह से एक बडे अस्पताल जाना हुआ। उस अस्पताल में कोरोना मरीजों…
Read More »के.एन. गोविन्दाचार्य स्तम्भ: पिछले दो, ढाई सौ वर्ष पहले भी भारत दुनिया मे आर्थिक दृष्टि से सबसे धनी समाज रहा…
Read More »अहमद रज़ा नई दिल्ली: लॉकडाउन के चार फेज़ के बाद अब भारत अनलॉक की तरफ बढ़ रहा है। वर्तमान नियमों…
Read More »मनीष ओझा दिल रोता है चेहरा हँसता रहता हैकैसा कैसा फ़र्ज़ निभाना होता है।। मुबंई: अख्तर आज़ाद की ये शायरी…
Read More »ज्ञानेन्द्र शर्मा प्रसंगवश स्तम्भ : जिन लोगों ने यह मान रखा था कि लाॅकडाउन थोड़े समय का कैदखाना है, वे उसकी…
Read More »वरिष्ठ पर्यावरणविद प्रो. भरत राज विश्व पर्यावरण दिवस-2020 पर विशेष (उमेश यादव/राम सरन मौर्या): प्रतिवर्ष 5 जून को विश्व पर्यावरण…
Read More »विनय सिंह स्तम्भ: आज केरल में एक बड़ी संवेदनहीन घटना घटित हुई। केरल के कुछ स्थानीय लोगो ने एक गर्भवती…
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