दस्तक-विशेष

    सब जीना चाहते हैं, लेकिन मृत्यु निश्चित है

    हृदयनारायण दीक्षित : जीने की इच्छा में मृत्यु का भय अंतनिर्हित है। जितनी गहरी जीवेष्णा उतना ही गहरा असुरक्षा का…

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    अमृत प्यास का कुम्भ

    हृदयनारायण दीक्षित : अमृत प्राचीन प्यास है। कोई मरना नहीं चाहता लेकिन सभी जीव मरते हैं। मृत्यु को शाश्वत सत्य…

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    कौन है ऊपर ? पार्टी या देश !

    के. विक्रम राव अंततः यू. पी. का एक खाकीधारी ही मूल में निकला, जिसने भारत के सत्तरसाला संघीय ढाँचे को…

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    जब जार्ज, अटल, बहुगुणा चूके

    के. विक्रम राव स्तम्भ : यदि उस समय तेलुगु देशम पार्टी के संस्थापक एनटी रामा राव की बात मान ली…

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    गोड्से एक आकलन

    के. विक्रम राव बापू (महात्मा गांधी) की पुण्यतिथि पर नाथूराम विनायक गोड्से की भी याद आती है| जैसे ग्रहण की…

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    प्रियंका करिश्माई होंगी !

    के. विक्रम राव अपने सारे जीवन में प्रियंका केवल दर्शक दीर्घा से ही संसद की कार्यवाही देखती रहीं| इतना ही…

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    एएलएस, अल्जाइमर और पर्किन्सन में शरीर को नुकसान पहुंचाता है खुद का प्रतिरक्षा तंत्र

    बुढ़ापे में होने वाली बीमारियां काफी दुश्वारियां लाती हैं, इसमें एक ओर तो शरीर का प्रतिरोधक तंत्र कमजोर होता है…

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    स्वयं को देखो स्वयं के द्वारा

    स्वयं को जानना कठिन है। असंभव तो नहीं है लेकिन है बड़ा जटिल। जानने की गतिविधि में कम से कम दो…

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    फैसला

    सोफे पर अधलेटा सा सन्नी मेज पर अपनी टांगे पसारे टेलिविजन पर समाचार देख रहा था। जेड गूडि की आकस्मिक…

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    पड़ोसियों को संभालना होगी प्रमुख चुनौती

    नरेन्द्र मोदी के शपथ ग्रहण के साथ ही ‘नेबर्स फस्र्ट’ की नीति की शुरुआत हुयी और इसके बाद क्रमश: ‘हेड-ऑन…

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    तकरार से इकरार  

    सरकार बनाम आरबीआई  भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) तथा केंद्र सरकार के बीच विभिन्न मुद्दों को लेकर जो टकराव चल रहा…

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    क्या स्कूल अस्पताल के मुद्दे पर हरियाणा में सफल हो पायेंगे केजरीवाल?

    लोकसभ तथा विधानसभा चुनावों को निकट आता देख, इनेलो के विभाजन के बाद हरियाणा में मची राजनैतिक खलबली का फायदा…

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    राजनीति में घमासान, बालिका गृहकांड ने किया हैरान

    लड़कियों के यौन शोषण से शर्मसार बिहार सबसे पहले हम बात करते हैं, बिहार क्या देश की सबसे बड़ी घटना…

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    कुम्भ में हुआ जब राम का चिंतन…

    मचरितमानस में बड़ा रोचक प्रसंग है कि वैदिक काल में जब प्रयाग में बड़े धूम-धाम से कुम्भ मेला का आयोजन…

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    कुम्भ की प्रमुख तिथियां जिनमें लगेगी आस्था की डुबकी

    1- मकर संकांति:-14 एवं 15 जनवरी 2019 सोमवार एवं मंगलवार 2- पौष पूर्णिमा:- 21 जनवरी 2019 सोमवार 3- पौष एकादशी स्नान:-…

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    कुम्भ को बनाया दिव्य

    दुनिया का सबसे बड़ा आध्यत्मिक मेला कुम्भ, इस बार उत्तर प्रदेश की धरती पर संगम नगरी प्रयागराज में आयोजित हो…

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    बुद्धि और भाव का संगम है प्रयाग तीर्थराज

    तीर्थ भारत की आस्था है। लेकिन भौतिकवादी विवेचकों के लिए आश्चर्य हैं। वैसे इनमें आधुनिक विज्ञान के तत्व भी खोजे…

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    इस बार होंगे अक्षय वट और सरस्वती कूप के दर्शन

    प्रयागराज में स्थित अकबर के किले में एक ऐसा वट है जो कभी यमुना नदी के किनारे हुआ करता था…

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    सभी को सिद्धी प्रदान करने वाला कुम्भ

    एक बार फिर तीर्थराज प्रयाग में आस्था की डुबकी लगने वाली है। आस्था, विश्वास, सौहार्द एवं संस्कृतियों के मिलनसारिता के…

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    भाजपा का विजय रथ रोकने की तैयारी

    कहा जाता है कि देश में सरकार बनाने का रास्ता उत्तर प्रदेश से ही होकर जाता है। यही वजह है कि…

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    ‘हनक’ छीन ले गए राज्यों के चुनाव

    एक वह भी दौर था जब ‘वे’ दिन को रात कहते थे तब भी सभी उनकी हां में हां मिला…

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    प्रियंका गांधी : आखिर आ ही गईं राजनीति में, बेसब्री से इंतजार कर रहे थे कार्यकर्ता

    नई दिल्ली : प्रियंका गाँधी को कांग्रेस पार्टी का महासचिव बनाया गया है। प्रियंका गांधी अब उत्तर प्रदेश की राजनीति…

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    ‘मोदी का मास्टर स्ट्रोक’

    माफ  कीजिएगा, वन डे क्रिकेट में छक्का स्लॉग ओवरों (अंतिम के दस ओवर) में ही लगता है। ….और चिन्ता मत…

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    राम मंदिर बनाम राजनीति

    फिरोज बख्त अहमद : कुछ समय पूर्व अयोध्या में विश्व हिन्दू परिषद्, शिवसेना, भाजपा, धर्मसंसद आदि के कार्यकर्ता एकत्र हुए…

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    आज भी भारत में साम्प्रदायिकता का जहर समाप्त नहीं हुआ है

    फिरोज बख्त अहमद : पढ़ने व सुनने में एवं देखने में आ रहा कि धर्म की तिजारत करने वाली राजनीति…

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    …आखिर विकल्प क्या था

    नई दिल्ली : आलोक वर्मा की सीबीआई निदेशक पद पर बहाली के उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद साफ था…

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    ‘बड़ा रहस्यपूर्ण है ‘स्वयं’, सोचता हूं कि क्या मेरा व्यक्तित्व दो ‘स्वयं’ से बना है, एक देखता है, दूसरा दिखाई पड़ता है’

    शतपथ ब्राह्मण में प्रश्न है – “मनुष्य को कौन जानता है?” मनुष्य को दूसरा मनुष्य नहीं जान सकता। प्रत्येक मनुष्य…

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    वायु प्राण है, प्राण नहीं तो जीवन नहीं

    जीवन को भरपूर देखते हुए वायु को भी देखा जा सकता है। हम आधुनिक लोगों ने वायु को दूषित किया…

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