दस्तक-विशेष

    क्या पार्टियों के घोषणा पत्र झूठ का पुलिंदा होते हैं?

    फिरोज बख्त अहमद : अभी हाल ही में एक व्हाट्सएप संदेश में विश्व हिंदू परिषद के धुरंधर नेता डा. प्रवीण…

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    सफलता का मूल केन्द्र इच्छा या अभिलाषा है और अभिलाषाएं अनंत हैं 

    हृदयनारायण दीक्षित : सफलता प्रसन्न्ता देती है और असफलता दुख। मोटे तौर पर सफलता का अर्थ इच्छानुसार कर्मफल की प्राप्ति…

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    इस मुस्लिम लेखक को आखिर मोदी क्यों पसंद है?

    फिरोज बख्त अहमद : लेखक पिछले लगभग 5 दशकों से विभिन्न सरकारों को देखता चला आया है, जिनमें प्रधानमंत्री के…

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    प्रकृति से शांतिप्रिय हैं भारतवासी, शांतिप्रियता का अनुचित लाभ उठाते थे अंगे्रज

    हृदयनारायण दीक्षित : भारतवासी प्रकृति से शांतिप्रिय हैं। इसके कारण उनकी उदात्त सभ्यता में खोजे जाने चाहिए। शांतिप्रियता उत्कृष्ट जीवन…

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    मोदी को खोने का समय हरगिज नहीं है भारत के लिए, हर आजमाइश से खरे होकर निकले हैं मोदी

    फिरोज बख्त अहमद : भारत में एक बार फिर चुनाव का बिगुल बज चुका है। आजतक जितने भी चुनाव हुए…

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    आधी आबादी को क्यों न मिले पूरी आजादी?

    आशा त्रिपाठी : आचार्य कौटिल्य ने अर्थशास्त्र में कहा था कि महिलाओं की सुरक्षा ऐसी होनी चाहिए कि महिला खुद…

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    पाकिस्तान प्राकृतिक राष्ट्र नहीं है, मजहब के आधार पर भारत विभाजन से यह एक मुल्क बना

    हृदयनारायण दीक्षित : भारत पाक के मध्य युद्ध की स्थिति है। पाकिस्तान की तरफ से मुसलसल युद्ध है। आमने सामने…

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    पुलवामा हमले के बाद राष्ट्रीय एकता सूत्र में बंध गया देश

    हृदयनारायण दीक्षित : भारत का स्वभाव राष्ट्रभाव है। कश्मीर पुलवामा की घटना के बाद यही राष्ट्रभाव चारो ओर प्रकट हो…

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    अजर और अमर है भारतीय जनतंत्र

    हृदयनारायण दीक्षित : भारतीय जनतंत्र अजर-अमर है। यह भारतीय समाज की मूल प्रकृति है। राष्ट्रजीवन का स्वाभाविक प्रवाह और भारत…

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    किस प्रकार से पाकिस्तान को सबक सिखाया जाए

    फिरोज बख्त अहमद : देश के 44 जवानों का बलिदान, इस बार व्यर्थ नहीं जाना चाहिए। हालांकि यह पहला बलिदान…

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    हर व्यक्ति का स्वाद अलग, लेकिन मधु पदार्थ सभी को करता है आकर्षित

    हृदयनारायण दीक्षित : स्वाद दिखाई नहीं पड़ता। सबके अपने स्वाद बोध हैं। इसलिए सबका स्वादिष्ट भी अलग-अलग है। लेकिन मीठा सबको…

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    सतत कर्म का कोई विकल्प नहीं

    हृदयनारायण दीक्षित: प्रकृति की सभी शक्तियां गतिशील हैं। हम पृथ्वी से हैं, पृथ्वी में हैं। पृथ्वी माता है। पृथ्वी सतत् गतिशील…

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    सब जीना चाहते हैं, लेकिन मृत्यु निश्चित है

    हृदयनारायण दीक्षित : जीने की इच्छा में मृत्यु का भय अंतनिर्हित है। जितनी गहरी जीवेष्णा उतना ही गहरा असुरक्षा का…

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    अमृत प्यास का कुम्भ

    हृदयनारायण दीक्षित : अमृत प्राचीन प्यास है। कोई मरना नहीं चाहता लेकिन सभी जीव मरते हैं। मृत्यु को शाश्वत सत्य…

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    कौन है ऊपर ? पार्टी या देश !

    के. विक्रम राव अंततः यू. पी. का एक खाकीधारी ही मूल में निकला, जिसने भारत के सत्तरसाला संघीय ढाँचे को…

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    जब जार्ज, अटल, बहुगुणा चूके

    के. विक्रम राव स्तम्भ : यदि उस समय तेलुगु देशम पार्टी के संस्थापक एनटी रामा राव की बात मान ली…

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    गोड्से एक आकलन

    के. विक्रम राव बापू (महात्मा गांधी) की पुण्यतिथि पर नाथूराम विनायक गोड्से की भी याद आती है| जैसे ग्रहण की…

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    प्रियंका करिश्माई होंगी !

    के. विक्रम राव अपने सारे जीवन में प्रियंका केवल दर्शक दीर्घा से ही संसद की कार्यवाही देखती रहीं| इतना ही…

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    एएलएस, अल्जाइमर और पर्किन्सन में शरीर को नुकसान पहुंचाता है खुद का प्रतिरक्षा तंत्र

    बुढ़ापे में होने वाली बीमारियां काफी दुश्वारियां लाती हैं, इसमें एक ओर तो शरीर का प्रतिरोधक तंत्र कमजोर होता है…

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    स्वयं को देखो स्वयं के द्वारा

    स्वयं को जानना कठिन है। असंभव तो नहीं है लेकिन है बड़ा जटिल। जानने की गतिविधि में कम से कम दो…

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    फैसला

    सोफे पर अधलेटा सा सन्नी मेज पर अपनी टांगे पसारे टेलिविजन पर समाचार देख रहा था। जेड गूडि की आकस्मिक…

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    पड़ोसियों को संभालना होगी प्रमुख चुनौती

    नरेन्द्र मोदी के शपथ ग्रहण के साथ ही ‘नेबर्स फस्र्ट’ की नीति की शुरुआत हुयी और इसके बाद क्रमश: ‘हेड-ऑन…

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    तकरार से इकरार  

    सरकार बनाम आरबीआई  भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) तथा केंद्र सरकार के बीच विभिन्न मुद्दों को लेकर जो टकराव चल रहा…

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    क्या स्कूल अस्पताल के मुद्दे पर हरियाणा में सफल हो पायेंगे केजरीवाल?

    लोकसभ तथा विधानसभा चुनावों को निकट आता देख, इनेलो के विभाजन के बाद हरियाणा में मची राजनैतिक खलबली का फायदा…

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    राजनीति में घमासान, बालिका गृहकांड ने किया हैरान

    लड़कियों के यौन शोषण से शर्मसार बिहार सबसे पहले हम बात करते हैं, बिहार क्या देश की सबसे बड़ी घटना…

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    कुम्भ में हुआ जब राम का चिंतन…

    मचरितमानस में बड़ा रोचक प्रसंग है कि वैदिक काल में जब प्रयाग में बड़े धूम-धाम से कुम्भ मेला का आयोजन…

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    कुम्भ की प्रमुख तिथियां जिनमें लगेगी आस्था की डुबकी

    1- मकर संकांति:-14 एवं 15 जनवरी 2019 सोमवार एवं मंगलवार 2- पौष पूर्णिमा:- 21 जनवरी 2019 सोमवार 3- पौष एकादशी स्नान:-…

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    कुम्भ को बनाया दिव्य

    दुनिया का सबसे बड़ा आध्यत्मिक मेला कुम्भ, इस बार उत्तर प्रदेश की धरती पर संगम नगरी प्रयागराज में आयोजित हो…

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