छत्तीसगढ़ में दो दर्दनाक हादसों से मातम, बालोद में मिट्टी धंसने से 3 मजदूरों की मौत, दुर्ग में सिलेंडर ब्लास्ट से एक ही परिवार के 4 सदस्यों ने गंवाई जान

रायपुर/दुर्ग: छत्तीसगढ़ में मंगलवार को दो अलग-अलग भीषण हादसों ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। बालोद जिले के दल्ली राजहरा में सीवरेज पाइपलाइन के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे में मिट्टी धंसने से तीन मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दुर्ग जिले के कुम्हारी क्षेत्र में आग लगने के बाद हुए सिलेंडर विस्फोट में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। दोनों घटनाओं में कुल सात लोगों की जान चली गई।
बालोद में 10 फुट गहरे गड्ढे में मिट्टी धंसी, तीन मजदूरों की मौके पर मौत
पहली घटना बालोद जिले के दल्ली राजहरा शहर की है, जहां सीवरेज पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा था। भिलाई इस्पात संयंत्र की एक कॉलोनी में चल रहे इस कार्य के दौरान मजदूर लगभग 10 फुट गहरे गड्ढे में काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक मिट्टी धंस गई और तीन मजदूर मलबे के नीचे दब गए। हादसा इतना तेज था कि तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस के अनुसार यह घटना मंगलवार को हुई और प्रारंभिक जांच में मिट्टी धंसने को ही हादसे का कारण माना जा रहा है।
दुर्ग में शॉर्ट सर्किट के बाद आग, सिलेंडर ब्लास्ट से एक परिवार के चार लोगों की मौत
दूसरी दर्दनाक घटना दुर्ग जिले के कुम्हारी इलाके की है, जहां बिजली के शॉर्ट सर्किट के बाद आग लग गई और देखते ही देखते सिलेंडर में विस्फोट हो गया। इस हादसे में एक ही परिवार के चार सदस्य—अनिल वैष्णव (45), चांदनी वैष्णव (18), लक्ष्मी (20) और डेढ़ वर्षीय बच्ची गोपिका—की मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सीएसपीडीसीएल की मेन लाइन में शॉर्ट सर्किट और ओवरलोडिंग के कारण आग भड़की, जिसके बाद स्थिति बेकाबू हो गई।
आग से नहीं बच सका परिवार, मौके पर ही फंसे रह गए लोग
प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार आग इतनी तेजी से फैली कि परिवार को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला। सिलेंडर ब्लास्ट के कारण पूरा घर आग की चपेट में आ गया और चारों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची, मुआवजे की घोषणा
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री, अन्य मंत्रियों, सांसद और विधायकों ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रत्येक मृतक के परिजनों को पांच लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है, जबकि जिला प्रशासन की ओर से चार लाख रुपये अतिरिक्त सहायता दी जाएगी। इस तरह प्रत्येक परिवार को कुल नौ लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा। फिलहाल दोनों घटनाओं की जांच जारी है।



