उत्तराखंड

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट को दी श्रद्धांजलि, बोले- जनसेवा के लिए समर्पित रहा जीवन

भराड़ीसैंण (गैरसैंण): उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा में पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वर्गीय हीरा सिंह बिष्ट को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि बिष्ट का पूरा सार्वजनिक जीवन आम जनता की समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए समर्पित रहा। वे अपने राजनीतिक अनुभव के साथ आम लोगों से गहरे जुड़ाव के लिए हमेशा याद किए जाएंगे।

छात्र राजनीति से मंत्री पद तक का सफर

मुख्यमंत्री ने कहा कि हीरा सिंह बिष्ट ने एक साधारण परिवार से निकलकर छात्र राजनीति के माध्यम से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने ग्राम प्रधान, ब्लॉक प्रमुख, विधायक और मंत्री के रूप में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं। उनकी पूरी राजनीतिक यात्रा में आम आदमी की समस्याएं और जनहित से जुड़े मुद्दे प्राथमिकता में रहे।

धामी ने कहा कि श्रमिकों और मेहनतकश लोगों के अधिकारों के लिए संघर्ष करना बिष्ट के व्यक्तित्व की प्रमुख विशेषता थी। उन्होंने अपनी आजीविका और अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाले लोगों को मजबूती देने का काम किया।

कमजोर और जरूरतमंद वर्गों के हितों के लिए करते रहे प्रयास

मुख्यमंत्री के अनुसार, स्वर्गीय हीरा सिंह बिष्ट समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों की समस्याओं को समझते थे और उनके समाधान के लिए लगातार प्रयासरत रहते थे। अनेक परिवार उन्हें ऐसे जननेता के रूप में याद करेंगे, जो उनकी परेशानियां सुनने और अधिकारों के लिए खड़े होने को हमेशा तैयार रहते थे।

उन्होंने कहा कि राजनीतिक विचारधाराएं और काम करने के तरीके अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन जनता के प्रति समर्पण सभी के लिए सम्मान का विषय है। बिष्ट की स्पष्टवादिता, अनुभव और जनसरोकारों के प्रति प्रतिबद्धता को हमेशा आदर के साथ याद किया जाएगा।

उत्तराखंड राज्य आंदोलन और विकास में रहा योगदान

मुख्यमंत्री ने कहा कि हीरा सिंह बिष्ट ने पृथक उत्तराखंड राज्य आंदोलन से लेकर प्रदेश के विकास तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मंत्री के रूप में उन्होंने श्रम, परिवहन और तकनीकी शिक्षा जैसे जनहित से जुड़े विभागों में भी उल्लेखनीय योगदान दिया।

धामी ने कहा कि बिष्ट का जीवन इस बात की प्रेरणा देता है कि जनता से लगातार संवाद बनाए रखना और उसके सुख-दुख में सहभागी बनना ही सच्ची जनसेवा का आधार है। किसी व्यक्ति की बात धैर्यपूर्वक सुनना और उसकी परेशानी दूर करने का ईमानदार प्रयास करना उसके पूरे परिवार के लिए बड़ी मदद साबित हो सकता है।

प्रदेश के सार्वजनिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय हीरा सिंह बिष्ट का निधन उत्तराखंड के सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति है। जनसेवा के प्रति उनका समर्पण और आम लोगों के हितों के लिए किए गए प्रयास लंबे समय तक याद किए जाते रहेंगे।

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