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एफिल टावर के चीफ पर गिरी गाज, BAPS प्रतिनिधिमंडल के दौरे में महिला कर्मचारियों को हटाने के मामले में देंगे इस्तीफा

नई दिल्ली: पेरिस के मशहूर एफिल टावर में हिंदू धार्मिक संगठन BAPS के प्रतिनिधिमंडल के दौरे के दौरान महिला कर्मचारियों को ड्यूटी से दूर रखने के मामले में अब बड़ी कार्रवाई हुई है। एफिल टावर का संचालन करने वाली कंपनी SETE के डायरेक्टर जनरल पैट्रिक ब्रैंको रुइवो साल के अंत तक अपने पद से हट जाएंगे। घटना की जांच में प्रबंधन की व्यवस्थाओं और कामकाज से जुड़ी कई खामियां सामने आई थीं।

जांच में सामने आईं कई व्यवस्थागत खामियां

एफिल टावर का संचालन करने वाली सोसिएते डी’एक्सप्लॉयटेशन डे ला टूर एफिल (SETE) ने मंगलवार को बयान जारी कर कहा कि 5 सितंबर को हुई घटना की जांच में कई व्यवस्थागत खामियां सामने आईं। कंपनी के मुताबिक, इन्हीं खामियों के कारण उस दिन महिला कर्मचारियों को BAPS प्रतिनिधिमंडल से दूर रखा गया था। कंपनी ने इस व्यवस्था को अस्वीकार्य बताया।

जांच पूरी होने के बाद पैट्रिक ब्रैंको रुइवो ने साल के अंत तक अपने पद से हटने का फैसला किया है। उन्हें 2018 के आखिर में SETE का डायरेक्टर जनरल नियुक्त किया गया था।

महिला कर्मचारियों को प्रतिनिधिमंडल से दूर रहने के निर्देश

दरअसल, 5 सितंबर को BAPS के एक प्रतिनिधिमंडल के एफिल टावर दौरे के दौरान प्रबंधन ने महिला कर्मचारियों को समूह से दूर रहने के निर्देश दिए थे। 330 मीटर यानी 1,083 फुट ऊंचे एफिल टावर के कर्मचारियों में इस फैसले को लेकर नाराजगी बढ़ गई थी।

इसके विरोध में 7 सितंबर को कर्मचारियों ने हड़ताल कर दी। हड़ताल के चलते एफिल टावर बंद रहा। कर्मचारियों ने प्रबंधन के उन निर्देशों का विरोध किया, जिनमें महिला कर्मचारियों को BAPS प्रतिनिधिमंडल से दूर रहने के लिए कहा गया था।

BAPS क्या है?

BAPS यानी बोचासनवासी श्री अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था स्वामीनारायण संप्रदाय से जुड़ा वैश्विक धार्मिक और नागरिक संगठन है। स्वामीनारायण संप्रदाय हिंदू धर्म की एक शाखा है।

BAPS का प्रतिनिधिमंडल पेरिस में एक पारंपरिक हिंदू पत्थर के मंदिर के उद्घाटन से जुड़े कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचा था। इसी दौरान संगठन के प्रतिनिधियों का एफिल टावर का दौरा भी हुआ था।

विवाद के बाद BAPS ने दी थी सफाई

महिला कर्मचारियों को दौरे से दूर रखने की खबर सामने आने के बाद विवाद बढ़ गया था। इसके बाद BAPS ने भी बयान जारी कर अपनी स्थिति स्पष्ट की थी।

संगठन ने कहा था कि बड़े समूह के दौरे को टावर के कर्मचारियों और आम जनता को असुविधा पहुंचाए बिना सुचारू रूप से संचालित करने के लिए यह व्यवस्था की गई थी। BAPS ने यह भी स्पष्ट किया था कि उसका उद्देश्य किसी व्यक्ति से उसके लिंग के आधार पर कोई मांग करना नहीं था।

हर साल करीब 70 लाख पर्यटक पहुंचते हैं

एफिल टावर दुनिया के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है और यहां हर साल करीब 70 लाख पर्यटक पहुंचते हैं। महिला कर्मचारियों को BAPS प्रतिनिधिमंडल से दूर रखने के फैसले के विरोध में हुई हड़ताल और उसके बाद की जांच में सामने आई व्यवस्थागत खामियों के बीच अब SETE के शीर्ष अधिकारी के पद छोड़ने का फैसला सामने आया है।

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