
रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित भारत बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। रायपुर में एशियन न्यूज की ओर से आयोजित ‘सेवा संकल्प कॉन्क्लेव–जनसेवा का संकल्प, छत्तीसगढ़ का भविष्य’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने केंद्र और राज्य सरकार की प्राथमिकताओं, विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी पहलों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
25 वर्षों की जनसेवा को बताया प्रेरणादायी
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के रूप में जनसेवा के 25 वर्ष पूरे किए हैं। वर्ष 2001 में गुजरात की जिम्मेदारी संभालने के बाद उन्होंने भूकंप से प्रभावित राज्य को पुनर्निर्माण और विकास की दिशा में आगे बढ़ाया। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद भी उन्होंने इसी सेवाभाव और दूरदृष्टि के साथ देश के विकास को गति दी।
साय ने प्रधानमंत्री के साथ अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उनका छत्तीसगढ़ और बस्तर से पुराना जुड़ाव रहा है। वर्ष 2014 में उन्हें प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में राज्य मंत्री के रूप में काम करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ का मंत्र देश की विकास यात्रा का आधार बना है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भारत ने आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत की है। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि देश अपनी सुरक्षा और स्वाभिमान की रक्षा करने में सक्षम है। कोरोना महामारी के दौरान भारत में विकसित टीकों और दूसरे देशों तक पहुंचाई गई सहायता को भी उन्होंने देश की वैज्ञानिक क्षमता और सेवा भावना का उदाहरण बताया।
बस्तर में नक्सलवाद के कमजोर पड़ने से विकास को मिली गति
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि लंबे समय तक नक्सलवाद छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर के विकास में बड़ी बाधा रहा। उनके मुताबिक, केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रणनीति और सुरक्षा बलों के प्रयासों से नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक प्रगति हुई है।
उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में पहले विकास कार्य पहुंचाना कठिन था, वहां अब सड़क, बिजली, मोबाइल नेटवर्क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। इससे स्थानीय लोगों के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य बस्तर को शांति, विश्वास और विकास के नए दौर में आगे ले जाना है।
2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक और खनिज संसाधनों से समृद्ध राज्य है। यहां कोयला, लौह अयस्क और टिन सहित कई महत्वपूर्ण खनिजों के भंडार हैं। इसके अलावा हीरा और सोना जैसे बहुमूल्य खनिजों की संभावनाएं भी मौजूद हैं। इन संसाधनों का बेहतर उपयोग करके उद्योगों, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
साय के अनुसार, पिछले ढाई वर्षों में राज्य के खनिज राजस्व में वृद्धि हुई है। सरकार प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाने, डिजिटलीकरण बढ़ाने और भ्रष्टाचार की संभावनाएं कम करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की मेहनतकश जनता और उपलब्ध संसाधन राज्य को वर्ष 2047 तक आर्थिक लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
महतारी वंदन योजना से महिलाओं को आर्थिक सहारा
मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तीकरण को राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत पात्र महिलाओं के बैंक खातों में हर महीने एक हजार रुपये सीधे भेजे जा रहे हैं। एक दिन पहले दुर्ग से योजना की 32वीं किस्त जारी की गई थी।
साय ने बताया कि महिलाएं इस राशि का इस्तेमाल बच्चों की पढ़ाई, घरेलू जरूरतों, बचत और स्वरोजगार के लिए कर रही हैं। कुछ महिलाओं ने पैसे जोड़कर सिलाई मशीन जैसे साधन खरीदे हैं, जिससे वे अतिरिक्त आय अर्जित कर रही हैं। वहीं, कुछ माताओं ने अपनी बेटियों के भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में खाते खुलवाए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता देने तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं के आत्मविश्वास, स्वाभिमान और आर्थिक आत्मनिर्भरता को भी मजबूती प्रदान कर रही है।
किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है और किसान राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। सरकार किसानों की आय बढ़ाने और खेती को लाभकारी बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद किसानों को दो वर्षों का लंबित बोनस दिया गया। सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक की नई परियोजनाएं मंजूर की गई हैं। इसके साथ ही सहकारी बैंकों के माध्यम से शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। किसानों को उन्नत बीज, खाद और अन्य जरूरी कृषि सामग्री समय पर उपलब्ध कराने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
18 लाख प्रधानमंत्री आवासों को मंजूरी का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने गरीब परिवारों के लिए पक्के मकान, शौचालय और रसोई गैस जैसी बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता दी है। इन योजनाओं से लोगों के जीवन में सुविधा, सम्मान और सुरक्षा बढ़ाने का प्रयास किया गया है।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में सरकार गठन के बाद पहली कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों को मंजूरी देने का निर्णय लिया गया था। मुख्यमंत्री के मुताबिक, प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 1,600 आवास बनाए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र गरीब परिवार पक्के घर से वंचित न रहे।
साय ने कहा कि राज्य सरकार की योजनाओं के केंद्र में गरीब, किसान, महिला, युवा और वंचित वर्ग हैं। सुशासन, पारदर्शिता और जनकल्याण के जरिए आत्मनिर्भर और विकसित छत्तीसगढ़ बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
संजू देवी समेत विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाओं का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली छत्तीसगढ़ की खिलाड़ी संजू देवी सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं और विशिष्टजनों को सम्मानित किया। उन्होंने सम्मानित लोगों की उपलब्धियों की सराहना की।
इस अवसर पर कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, राज्य गौसेवा आयोग के उपाध्यक्ष राजीव लोचन जी महाराज, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और एशियन न्यूज के पदाधिकारी मौजूद रहे।



