
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के महरौली इलाके में 10 वर्षीय बच्ची के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या के सनसनीखेज मामले में जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी कैब चालक बसु सिंह ने वारदात को अंजाम देने के बाद सबूत मिटाने की सुनियोजित कोशिश की। हालांकि सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी निगरानी की मदद से पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
वारदात के बाद बदले कपड़े, कार भी धो डाली
पुलिस जांच में सामने आया है कि बच्ची के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या के बाद आरोपी ने सबसे पहले अपने कपड़े बदले। इसके बाद उसने फोरेंसिक सबूतों को खत्म करने के उद्देश्य से अपनी कार को अच्छी तरह साफ किया। इतना ही नहीं, वारदात के बाद वह सामान्य तरीके से काम करता रहा और अगली सवारी भी लेकर निकल गया।
एक दशक पुराना आपराधिक इतिहास आया सामने
जांच के दौरान यह भी पता चला कि बसु सिंह का आपराधिक रिकॉर्ड करीब 10 साल पुराना है। उसके खिलाफ छेड़छाड़, दंगा और हत्या के प्रयास सहित कम से कम पांच मामले दर्ज बताए जा रहे हैं। ये मामले वर्ष 2015, 2017, 2018 और 2022 में बिहार के खगड़िया जिले में दर्ज हुए थे। हालांकि अभी तक दिल्ली पुलिस को बिहार पुलिस की ओर से आधिकारिक रिकॉर्ड प्राप्त नहीं हुआ है। आरोपी का दावा है कि ये मुकदमे जमीन विवाद के दौरान दर्ज हुए थे।
सीसीटीवी फुटेज ने खोली पोल
पुलिस ने आरोपी के वे कपड़े भी जब्त कर लिए हैं, जिन्हें उसने घटना के समय पहन रखा था और जो सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दिए थे। जांचकर्ताओं के मुताबिक, वारदात के कुछ समय बाद आरोपी को गुरुग्राम में अपने मालिक की रिहायशी इमारत के पास कार साफ करते हुए भी कैमरों में देखा गया।
कार साफ करने के बाद ली नई सवारी
पुलिस के अनुसार, कार धोने के बाद आरोपी ने गुरुग्राम के चक्कारपुर क्षेत्र से एक यात्री को बैठाया और उसे नांगलोई तक छोड़ा। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने करीब दो सप्ताह पहले पुलिस भर्ती परीक्षा में भी हिस्सा लिया था। पुलिस का कहना है कि वह नशे का आदी है और उसके खिलाफ पहले भी गंभीर आरोप लग चुके हैं।
भाई के घर पहुंची पुलिस, फिर तकनीकी निगरानी से हुई गिरफ्तारी
जांच के दौरान पुलिस आरोपी के गुरुग्राम स्थित पंजीकृत पते पर पहुंची, जहां उसका भाई रहता है। भाई ने बताया कि बसु सिंह घर पर नहीं है और पुलिस को आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जानकारी दी। इसके बाद तकनीकी निगरानी के जरिए आरोपी की लोकेशन ट्रैक की गई। नांगलोई में सवारी छोड़ने के बाद जब वह विकासपुरी की ओर जा रहा था, तभी पुलिस ने उसे दबोच लिया।
पोटेंसी टेस्ट कराया गया, इलाके की पूरी जानकारी थी आरोपी को
पुलिस ने बुधवार को आरोपी का पोटेंसी टेस्ट कराया। पूछताछ में उसने बताया कि जिस करीब 12 किलोमीटर लंबे मार्ग से उसने बच्ची का अपहरण किया और बाद में शव फेंका, उस इलाके से वह भली-भांति परिचित था क्योंकि वह अक्सर वहां वाहन चलाता था।
कैब चालक बनने से पहले करता था सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी
जांच में यह भी सामने आया कि कैब चालक बनने से पहले बसु सिंह एक हाउसिंग सोसाइटी में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में काम करता था। उसके वाहन मालिक अंकित ने बताया कि उन्होंने इस वर्ष फरवरी में अपनी पुरानी कार उसे चलाने के लिए दी थी। अंकित के अनुसार, बसु पहले से एक कैब एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत और सत्यापित चालक था। उन्होंने कहा कि बातचीत ज्यादातर वाहन का किराया लेने तक सीमित रहती थी और आरोपी कई बार पारिवारिक विवाद का जिक्र करता था।
पीड़िता के पिता ने मांगी फांसी की सजा
मामले ने पूरे देश को झकझोर दिया है। पीड़िता के पिता ने आरोपी के लिए फांसी की सजा की मांग की है। वहीं पुलिस मामले की हर कड़ी को जोड़ते हुए वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।



