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उत्तराखंड में बनेगी देश की 5वीं साइंस सिटी, धामी सरकार का अभिनव प्रयास :

देहरादून (राम कुमार सिंह) : उत्तराखंड की विजनरी धामी सरकार प्रदेश के विकास के हर तरीकों को ढूंढने में कौशलपूर्ण होती जा रही है। धामी सरकार के दिमाग में प्रदेश में अब साइंस टूरिज्म’ के नए क्षितिज खोलते हुए नए रोजगार का द्वार खोलने का विचार प्रबल हो चुका है। इसलिए अब वो दिन दूर नहीं जब देवभूमि उत्तराखंड अध्यात्म और प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ विज्ञान और अत्याधुनिक नवाचार के क्षेत्र में भी देश का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। प्रदेश की राजधानी देहरादून में देश की 5वीं साइंस सिटी बनाया जाना प्रस्तावित है।

पश्चिम बंगाल (कोलकाता)असम (गुवाहाटी)गुजरात (अहमदाबाद)पंजाब (कपूरथला) के बाद अब उत्तराखंड में 173 करोड़ रुपये लागत से बनने वाली इस साइंस सिटी में स्पेस थिएटर और ‘साइंस ऑन स्फीयर’ खास होगा। एआई, रोबोटिक्स, डिजिटल लाइब्रेरी और ‘लैब ऑन व्हील्स’ से सुसज्जित यह विशाल केंद्र छात्रों में नवाचार की अलख जगाने के साथ-साथ राज्य में ‘साइंस टूरिज्म’ और स्वरोजगार के नए द्वार खोलेगा। देहरादून में 25 एकड़ में साइंस सिटी का निर्माण किया जाएगा। साइंस सिटी प्रदेश के विद्यार्थियों और युवाओं के साथ ही विज्ञान एवं नवाचार में रुचि रखने वाले लोगों के लिए आधुनिक वैज्ञानिक ज्ञान का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगी।

गौरतलब है कि साइंस सिटी एक ऐसा विज्ञान केंद्र और मनोरंजन पार्क होता है, जहां विज्ञान और तकनीक को रोचक, व्यावहारिक और मनोरंजक तरीके से समझाया जाता है।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण और आर्थिक विकास को मिलेगी गति : सीएम धामी

प्रस्तावित साइंस सिटी में लगने वाली इंटरैक्टिव प्रदर्शनियों और साइंस गैलरी से आम जनता में वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास होगा। आर्थिक रूप से यह केंद्र राज्य में ‘साइंस टूरिज्म’ को बढ़ावा देकर रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा, जिससे देहरादून को राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख इनोवेशन और रिसर्च हब के रूप में पहचान मिलेगी। विज्ञान को सिर्फ किताबों और प्रयोगशालाओं तक सीमित न रखकर आम जीवन से जोड़ना समय की बड़ी मांग है।

साइंस सिटी में क्या होगा? :

साइंस सिटी में विज्ञान के तमाम मॉडलों के जरिए पर्यावरणीय और भौगोलिक घटनाओं को समझाया जाएगा।विज्ञान के विभिन्न सिद्धांतों को आसान मॉडल से समझाया जाएगा। रोजाना की घटनाओं के वैज्ञानिक पहलुओं को बताया जाएगा। इसमें उत्तराखंड की संस्कृति व उनके वैज्ञानिक महत्व को भी बताया जाएगा।

साइंस सिटी के लिए कैसे होगी फंडिंग:

देहरादून में 175 करोड़ की लागत से साइंस सिटी बनाई जानी प्रस्तावित है। इसमें केंद्र व राज्य सरकार की हिस्सेदारी 60:40 के अनुपात में है। परियोजना की करीब 39 करोड़ रुपये की गैप फंडिंग में केंद्र सरकार 14 करोड़ रुपये का अतिरिक्त हिस्सा वहन करेगी। गैप फंडिंग में संस्कृति मंत्रालय का हिस्सा लगभग 14 करोड़ रुपये होगा, जबकि करीब 25 करोड़ रुपये उत्तराखंड सरकार और उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकास्ट) को वहन करने होंगे।

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