उत्तराखंड

18 लाख छात्रों को डिजिटल लर्निंग स्किल्स से लैस करेगी धामी सरकार

देहरादून ( दस्तक डेस्क) : कृत्रिम बुद्धिमत्ता और रोबोटिक्स के दौर में डिजिटल लर्निंग एक अनिवार्य जरूरत बन चुका है। किसी भी राज्य में डिजिटलाइजेशन का यदि बेहतर लाभ लेना है तो सबसे पहले डिजिटल पावर्टी खत्म करनी जरूरी है और इसके लिए डिजिटल लर्निंग की गति को बढ़ाना होगा जिससे युवा नवीनतम डिजिटल टेक्नोलॉजीज का इस्तेमाल हर क्षेत्र में कर अपेक्षित परिणाम प्राप्त कर सकें।

उत्तराखंड की धामी सरकार ने भी इस दिशा में कमर कस ली है। उत्तराखंड के 19 लाख से अधिक विद्यार्थी अब पारंपरिक कक्षा शिक्षण के साथ डिजिटल लर्निंग के माध्यम से भी पढ़ाई करेंगे। इसके लिए सरकार ने 200 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट में प्रविधान किया है। इस पहल से प्रदेश के प्राथमिक, माध्यमिक विद्यालयों, इंटर कालेजों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत करीब 18.6 लाख विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा का लाभ मिलेगा।

डिजिटल माध्यम से विद्यार्थियों को पढ़ाई की सामग्री उपलब्ध होने के साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी सहायता मिलने की उम्मीद है। इससे शिक्षा को तकनीक से जोड़ने और विद्यार्थियों के लिए सीखने के नए अवसर उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

आपको बता दें कि प्रदेश के स्कूलाें में डिजिटल पुस्तकालय संचालित हैं। 266- पीएमश्री विद्यालयाें में 1203 आइसीटी और 2320 स्मार्ट क्लासेस बनाने की बात की गई है और राज्य में स्मार्ट क्लास से 4719 विद्यालय जुड़े हैं। 1340 विद्यालयों में वर्चुअल क्लास संचालित हो रही हैं। 363 विद्यालय आइसीटी लैबयुक्त हैं।कक्षा छह से 12 तक 1.90 लाख विद्यार्थी डिजिटल शिक्षा ग्रहण करते हैं और हाइब्रिड मोड में शिक्षा निदेशालय से 840 विद्यालय वर्चुअल जुड़ते हैं।

शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत का कहना है कि सरकार ने स्कूल शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक डिजिटल लर्निंग पर विशेष ध्यान दिया है। राज्य के विद्यालयों में पहले से ही स्मार्ट क्लास और वर्चुअल माध्यम से हाइटेक पढ़ाई हो रही है। अब ऐसे दूरदराज क्षेत्रों में सरकारी स्कूल और महाविद्यालयों को भी डिजिटल लर्निंग के दायरे में लाया जाएगा, जहां इसकी सख्त जरूरत है।’

राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) की ओर से विकसित ‘बिल्डिंग फ्यूचर-रेडी टीचर थ्रू एआइ’ परियोजना को वैश्विक स्तर पर सराहना मिल चुकी है। इस परियोजना को यूनेस्को के एआइ फार एजुकेशन अवार्ड-2026 के शिक्षक प्रशिक्षण वर्ग में दुनिया की शीर्ष छह परियोजनाओं में स्थान मिला। इसकी घोषणा स्विट्जरलैंड के जिनेवा में आयोजित एआइ फार गुड ग्लोबल समिट-2026 में की गई।

Related Articles

Back to top button