दिल्लीराज्य

चलती बस में ‘निर्भया जैसी दरिंदगी’ से दहली दिल्ली, बिहार नंबर की स्लीपर बस में महिला से गैंगरेप; ड्राइवर-कंडक्टर गिरफ्तार

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली एक बार फिर चलती बस में हुई दरिंदगी की घटना से सन्न है। दिल्ली पुलिस ने महिला के साथ कथित गैंगरेप के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में बस का ड्राइवर और कंडक्टर शामिल हैं। पुलिस ने उस स्लीपर बस को भी जब्त कर लिया है, जिसमें इस वारदात को अंजाम दिया गया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि बस बिहार में रजिस्टर्ड थी और दिल्ली-बिहार रूट पर संचालित होती थी।

बिहार नंबर की बस में हुई वारदात

जानकारी के मुताबिक, बस का नंबर BR 28P 3941 है और इसे ‘रॉयल ट्रैवल्स एंड कारगो’ नाम की कंपनी संचालित करती है। नारंगी और काले रंग की इस एसी स्लीपर बस में रानी बाग इलाके के पास महिला के साथ यह वारदात हुई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि घटना के वक्त बस में और कौन-कौन मौजूद था। बस के परमिट, दस्तावेज और रूट संचालन की भी जांच की जा रही है।

दिल्ली पुलिस के अनुसार, मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(1), 70(1) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया गया है। दोनों आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है।

पर्दों और बंद शीशों ने छिपा दी चीखें

जांच एजेंसियों के मुताबिक, बस के अंदर पर्दे लगे हुए थे और एसी बस के शीशे पूरी तरह बंद थे। ऐसे में पीड़िता की चीखें बाहर तक नहीं पहुंच सकीं। आशंका जताई जा रही है कि सड़क पर मौजूद लोगों को भी अंदर हो रही हैवानियत का अंदाजा नहीं लग सका।

घटना के बाद बस से सबूत जुटाने के लिए फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया गया। बस के अंदर से कई अहम साक्ष्य इकट्ठा किए गए हैं।

फैक्ट्री से लौट रही महिला को जबरन बस में खींचा

पीड़िता पीतमपुरा इलाके की रहने वाली है और मंगोलपुरी स्थित एक फैक्ट्री में काम करती है। सोमवार रात शिफ्ट खत्म होने के बाद वह घर लौट रही थी। वह पैदल सरस्वती विहार के बी-ब्लॉक बस स्टैंड तक पहुंची, जहां एक स्लीपर बस खड़ी थी।

बताया जा रहा है कि महिला ने बस के दरवाजे पर खड़े युवक से समय पूछा था। इसी दौरान आरोपियों ने उसे जबरदस्ती बस के अंदर खींच लिया और दरवाजा बंद कर दिया। इसके बाद बस वहां से चल पड़ी।

दो घंटे तक चलती बस में दरिंदगी

पीड़िता के मुताबिक, बस में मौजूद दोनों आरोपियों ने बारी-बारी से उसके साथ गैंगरेप किया। आरोप है कि करीब दो घंटे तक बस को अलग-अलग रास्तों पर घुमाया गया। यह वारदात करीब सात किलोमीटर तक जारी रही और नांगलोई मेट्रो स्टेशन के पास जाकर खत्म हुई।

पीड़िता को गंभीर हालत में रात करीब 2 बजे सड़क किनारे फेंक दिया गया, जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।

तीन बेटियों की मां, मजबूरी में अस्पताल में भर्ती होने से किया इनकार

दरिंदों के चंगुल से छूटने के बाद पीड़िता ने पुलिस को सूचना दी। पहली कॉल नांगलोई थाने पहुंची, लेकिन घटना क्षेत्र रानी बाग थाना क्षेत्र में होने की वजह से मामला वहां ट्रांसफर किया गया।

एक महिला सब-इंस्पेक्टर पीड़िता को बाबासाहेब अंबेडकर अस्पताल लेकर गईं, जहां मेडिकल जांच में सामूहिक दुष्कर्म की पुष्टि हुई। डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए भर्ती होने की सलाह दी, लेकिन पीड़िता ने मजबूरी में इनकार कर दिया।

महिला ने बताया कि उसके पति टीबी से पीड़ित हैं और घर पर रहते हैं। परिवार में उनकी तीन छोटी बेटियां हैं, जिनकी उम्र 8, 6 और 4 साल है। बच्चों की जिम्मेदारी और घर चलाने की चिंता के कारण उसने अस्पताल में भर्ती होने के बजाय घर जाकर इलाज कराने का फैसला किया।

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