
चंडीगढ़: किसानों के दबाव के बीच केंद्र सरकार ने खरीफ-2026 के लिए हरियाणा में धान की सरकारी खरीद को मंजूरी दे दी है। मंगलवार से प्रदेश की मंडियों में न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी पर धान की खरीद शुरू होगी। इस सीजन सरकार ने 58 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य रखा है। सामान्य धान का एमएसपी 2,441 रुपये और ग्रेड-ए धान का 2,451 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है।
अनियमित खरीद रोकने के लिए जांच होगी मजबूत
केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने खरीद की मंजूरी के साथ कई शर्तें भी लगाई हैं। अनियमित खरीद पर रोक लगाने के लिए जांच व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही जिलावार उपज का निर्धारण निष्पक्ष और सत्यापित मापदंडों के आधार पर करने को कहा गया है, ताकि वास्तविक उत्पादन के अनुरूप ही धान की खरीद सुनिश्चित की जा सके।
रबी सीजन से खरीद प्रक्रिया में एग्रीस्टैक को लागू करना भी अनिवार्य किया जाएगा। इसके जरिए खरीद प्रक्रिया में आंकड़ों और रिकॉर्ड के सत्यापन पर जोर रहेगा।
पहले 1 अक्टूबर से प्रस्तावित थी धान खरीद
हरियाणा में इस बार धान की सरकारी खरीद पहले 1 अक्टूबर से शुरू करने का प्रस्ताव था। किसान और किसान संगठनों की ओर से 15 सितंबर से खरीद शुरू करने की मांग की जा रही थी। इसके बाद राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को पत्र भेजकर खरीद जल्द शुरू करने का अनुरोध किया।
खरीद की तैयारियों के दौरान कई अड़चनें भी सामने आईं। इनमें औसत उपज और उत्पादन का आंकड़ा उपलब्ध नहीं होना, राइस मिलरों का पंजीकरण से दूरी बनाना और राजस्व विभाग के रिकॉर्ड में मौजूद मिसमैच को दूर करने का काम पूरा नहीं होना प्रमुख था।
पिछले साल 22 सितंबर से शुरू हुई थी खरीद
हरियाणा में पिछले साल धान की सरकारी खरीद 22 सितंबर से शुरू हुई थी। इससे पहले वर्ष 2015-16 में 24 सितंबर, 2016-17 में 27 सितंबर और 2019-20 तथा 2020-21 में 26 सितंबर से धान की खरीद शुरू की गई थी।
राजेश नागर बोले- दो बार भेजा था अनुरोध पत्र
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री राजेश नागर ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से केंद्र को दो बार अनुरोध पत्र भेजा गया था। केंद्र सरकार ने राज्य के अनुरोध को स्वीकार करते हुए मंगलवार से धान की खरीद शुरू करने की मंजूरी दे दी है।



