अर्बन मोबिलिटी इंडिया-2026 में NCRTC के एग्जिबिशन स्टॉल में दिखी नमो भारत की झलक
दो दिन के इस कार्यक्रम में पॉलिसीमेकर, ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी, इंडस्ट्री के प्रतिनिधि, टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर और एक्सपर्ट हिस्सा ले रहे हैं।
गाजियाबाद। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने अर्बन मोबिलिटी इंडिया-2026 में एनसीआरटीसी के एग्जिबिशन स्टॉल का उद्घाटन किया। एनसीआरटीसी ने हाई-स्पीड रेल, निर्बाध ट्रांसपोर्ट इंटीग्रेशन और ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट के जरिए क्षेत्रीय बदलाव को प्रदर्शित किया। भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने 23 से 24 अक्टूबर तक ओडिशा के भुवनेश्वर में आयोजित 19वें अर्बन मोबिलिटी इंडिया (UMI) कॉन्फ्रेंस और एक्सपो 2026 में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) के एग्जिबिशन स्टॉल का उद्घाटन किया।
विशेषताओं के बारे में जानकारी दी
एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक शलभ गोयल और वरिष्ठ अधिकारियों ने स्टॉल पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू, ओडिशा सरकार के आवासन एवं शहरी विकास तथा सार्वजनिक उद्यम मंत्री डॉ. कृष्ण चंद्र महापात्रा, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के शहरी विकास विभाग के सचिव सतेंद्र सिंह और अन्य गणमान्य अधिकारियों का स्वागत किया और भारत की पहली रीजनल रेल प्रणाली नमो भारत की आधुनिक सुविधाओं और यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई विशेषताओं के बारे में जानकारी दी। साथ ही, इस परियोजना से क्षेत्र में आए बदलावों को भी प्रदर्शित किया गया।

अब तक 4.5 करोड़ से अधिक यात्री सफर कर चुके
अक्टूबर, 2023 में प्राथमिक खंड पर परिचालन शुरू होने के बाद से, नमो भारत दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर पर यात्रियों के लिए ट्रांसपोर्ट का एक पसंदीदा माध्यम बन गया है, जो तेज़, सुरक्षित और ज़्यादा आरामदायक रीजनल कनेक्टिविटी देता है। इस सेवा की बढ़ती लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस कॉरिडोर पर अब तक 4.5 करोड़ से अधिक यात्री सफर कर चुके हैं और हर दिन एक लाख से ज्यादा यात्रियों को इसका लाभ मिल रहा है।
आरआरटीएस के मॉडल की क्षमता को भी दिखाती है
नमो भारत की सफलता रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) मॉडल की क्षमता को भी दिखाती है, जिसे देश के दूसरे इलाकों में भी अपनाया जा सकता है। सेमी-हाई स्पीड रीजनल मोबिलिटी का यह मॉडल कम स्टॉप के साथ लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लोगों के सफर को बेहतर बना रहा है। इसे देखते हुए दूसरी राज्य सरकारों ने भी इस मॉडल में रुचि दिखाई है। देश के प्रमुख रीजनल क्लस्टर्स में लगभग 2,900 किलोमीटर लंबे संभावित नमो भारत कॉरिडोर की पहचान की गई है। इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 में भी इन कॉरिडोर की अहमियत पर जोर दिया गया है। सर्वे के मुताबिक, बड़े क्षेत्रीय क्लस्टर्स को आर्थिक विकास के नए केंद्रों के रूप में विकसित करने की दिशा में ये कॉरिडोर अहम भूमिका निभा सकते हैं।

नमो भारत कॉरिडोर की विकास यात्रा को प्रदर्शित कर रही
यह एग्जिबिशन दिल्ली-गाज़ियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर की विकास यात्रा को प्रदर्शित कर रही है। यह कॉरिडोर 82 किलोमीटर लंबा है और इसमें 15 स्टेशन हैं। इसके साथ ही, इसी इंफ्रास्ट्रक्चर पर मेरठ मेट्रो सर्विस को भी इंटीग्रेट किया गया है। एग्जिबिशन में एनसीआरटीसी की ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) को बढ़ावा देने की कोशिशों को भी दिखाया गया है। इसके तहत ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को ट्रांजिट स्टेशनों के आसपास की सुनियोजित शहरी विकास योजनाओं से जोड़ा जाता है। इस अप्रोच के तहत नमो भारत को सिर्फ एक क्षेत्रीय परिवहन प्रणाली तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि इसे संतुलित और सतत शहरी विकास को बढ़ावा देने वाले माध्यम के रूप में देखा जा रहा है।
दुहाई नमो भारत स्टेशन और सराय काले खां के आसपास प्रस्तावित डेवलपमेंट
इससे किफायती आवास तक लोगों की पहुंच बेहतर होगी और अच्छी कनेक्टिविटी वाले आवासीय, व्यावसायिक और मिक्स्ड-यूज़ स्पेस के विकास को बढ़ावा मिलेगा। दुहाई नमो भारत स्टेशन और सराय काले खां के आसपास प्रस्तावित डेवलपमेंट, साथ ही हरनंदीपुरम और न्यू मेरठ में प्रस्तावित TOD टाउनशिप की भी एक झलक इस प्रदर्शनी में दिखाई गई कि कैसे इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट और लैंड-यूज़ प्लानिंग को एक साथ तैयार करके शहरी क्षेत्रों को अधिक सुलभ, आवास के लिहाज से बेहतर और सस्टेनेबल बनाया जा सकता है।

अर्बन एक्सेसिबिलिटी एंड लिवेबिलिटी इन डिजिटल एज
इस साल अर्बन मोबिलिटी इंडिया (UMI) कॉन्फ्रेंस एक्सपो का आयोजन भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) और ओडिशा सरकार मिलकर कर रहे हैं। वर्ष 2026 के कार्यक्रम की थीम ‘अर्बन एक्सेसिबिलिटी एंड लिवेबिलिटी इन डिजिटल एज’ है। इसमें शहरों में आवागमन को आसान बनाने, परिवहन सुविधाओं को आपस में जोड़ने और नई डिजिटल तकनीकों के जरिए शहरी जीवन को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है। दो दिन के इस कार्यक्रम में पॉलिसीमेकर, ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी, इंडस्ट्री के प्रतिनिधि, टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर और एक्सपर्ट हिस्सा ले रहे हैं। इसका उद्देश्य जानकारी और अनुभव साझा करना और बेहतर व सस्टेनेबल मोबिलिटी के लिए समाधान तलाशना है। एनसीआरटीसी के स्टॉल पर इंटरैक्टिव मॉडल, विस्तृत जानकारी और विजुअल डिस्प्ले के जरिए नमो भारत की ट्रांसफॉर्मेटिव डिज़ाइन, एडवांस्ड टेक्नोलॉजी और यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई सुविधाओं को दिखाया जा रहा है।

तकनीकों का प्रत्यक्ष अनुभव
स्टॉल पर आगंतुकों को ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) और वर्चुअल रियलिटी (VR) तकनीकों का प्रत्यक्ष अनुभव भी मिल रहा है। इन तकनीकों का इस्तेमाल नमो भारत सिस्टम के विकास और रखरखाव में बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। बढ़ते नेटवर्क, परिवहन के दूसरे साधनों के साथ एकीकरण और ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट पर ध्यान देकर एनसीआरटीसी यह साबित कर रहा है कि आधुनिक क्षेत्रीय परिवहन व्यवस्था किस तरह शहरों और आसपास के इलाकों में बेहतर कनेक्टिविटी, आसान पहुंच और सतत विकास प्रदान कर सकती है।



