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₹852 करोड़ का मुफ्त इलाज! मान सरकार का बड़ा दावा, सिर्फ 6 महीने में 2.42 लाख से ज्यादा मरीजों को मिला कैशलेस उपचार

चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने अपनी प्रमुख ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बड़ा दावा किया है। सरकार के अनुसार, योजना के शुरुआती छह महीनों में 2.42 लाख से अधिक मरीजों को 4.79 लाख से ज्यादा कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया गया। इन उपचारों पर 852 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुआ, जिसका पूरा भुगतान राज्य सरकार ने किया।

सरकार का कहना है कि इस योजना के जरिए हजारों परिवारों को महंगे इलाज के आर्थिक बोझ से राहत मिली है। योजना का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को बिना आर्थिक चिंता के समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

सरकारी और निजी अस्पतालों में मिल रही कैशलेस सुविधा

मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों को कैशलेस इलाज की सुविधा दी जा रही है। योजना में हृदय रोग, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के उपचार, बड़ी सर्जरी और अन्य आवश्यक चिकित्सीय आपात स्थितियों को भी शामिल किया गया है।

सरकार के मुताबिक, मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने से लेकर छुट्टी मिलने तक किसी भी चरण में नकद भुगतान नहीं करना पड़ता।

डिजिटल व्यवस्था और हेल्थ कार्ड से आसान हुई प्रक्रिया

पंजाब सरकार का कहना है कि योजना को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाने के लिए स्वास्थ्य कार्ड का वितरण तेजी से किया जा रहा है, जिससे मरीजों की पहचान और इलाज की प्रक्रिया आसान हो सके।

इसके साथ ही अस्पतालों के नेटवर्क का लगातार विस्तार और उन्नयन किया जा रहा है। पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाया गया है ताकि कागजी औपचारिकताओं में देरी न हो और मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।

गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को मिली राहत

सरकार के प्रवक्ता के अनुसार, योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य की स्वास्थ्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिली है। बिना नकद भुगतान के इलाज मिलने से विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्गीय परिवारों को बड़ी राहत मिली है, जिनकी जमा पूंजी अक्सर इलाज के खर्च में समाप्त हो जाती थी।

सरकार ने बताया आगे का लक्ष्य

सरकार का कहना है कि उसका उद्देश्य राज्य के प्रत्येक पात्र परिवार को मुख्यमंत्री सेहत योजना के दायरे में लाना है, ताकि कोई भी नागरिक केवल आर्थिक अभाव के कारण इलाज से वंचित न रहे। सरकार के अनुसार, 852 करोड़ रुपये का खर्च स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने और जरूरतमंद परिवारों तक उपचार पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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