
शालीमार पैराडाइज में 10 करोड़ की हाईप्रोफाइल चोरी का खुलासा, पड़ोसी निकला मास्टरमाइंड; सट्टे और ऑनलाइन ट्रेडिंग के कर्ज ने बनाया अपराधी
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित पॉश शालीमार पैराडाइज सोसायटी में हुई करोड़ों रुपये की सनसनीखेज चोरी का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। करीब 10 करोड़ रुपये के हीरे-जवाहरात, सोना-चांदी और अन्य कीमती सामान की चोरी के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हैरानी की बात यह है कि इस वारदात का मास्टरमाइंड उसी सोसायटी में रहने वाले एक रिटायर्ड अधिकारी का बेटा निकला।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ऑनलाइन ट्रेडिंग और सट्टेबाजी में भारी नुकसान झेल चुका था और कर्ज में डूबने के बाद उसने अपने पड़ोसी के घर ही चोरी की साजिश रच डाली।
पड़ोसी के घर की रेकी कर बनाई थी योजना
पुलिस सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में शालीमार पैराडाइज निवासी आकर्ष सिंह उर्फ यश, आजमगढ़ निवासी पृथ्वी प्रताप सिंह, प्रयागराज निवासी रितिक यादव, अनुराग कथूरिया और ऋषि कुमार सोनी शामिल हैं।
मूल रूप से देवरिया निवासी ठेकेदार अजय सिंह बघेल अपने परिवार के साथ शालीमार पैराडाइज सोसायटी में रहते हैं। 19 अप्रैल को वह परिवार सहित गोरखपुर गए हुए थे। 30 अप्रैल को लौटने पर उन्होंने घर की अलमारी टूटी हुई देखी।
घर से करोड़ों रुपये के हीरे, पन्ना जड़ित आभूषण, सोना-चांदी और लाइसेंसी पिस्टल गायब मिले। पॉश सोसायटी में इतनी बड़ी चोरी की घटना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
सीसीटीवी बंद कर दिया था आरोपी ने
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि 27 अप्रैल को घर का सीसीटीवी सिस्टम बंद कर दिया गया था। इसके बाद पुलिस ने सोसायटी के कैमरों, मोबाइल लोकेशन और संदिग्ध गतिविधियों की बारीकी से जांच शुरू की।
तफ्तीश के दौरान पुलिस का शक पड़ोसी आकर्ष सिंह पर गया। पूछताछ में सामने आया कि वह ऑनलाइन ट्रेडिंग और सट्टेबाजी में बड़ी रकम गंवा चुका था और आर्थिक तंगी से जूझ रहा था।
जल्दी पैसा कमाने के लालच में उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर चोरी की पूरी योजना बनाई।
पीछे की खिड़की तोड़कर घर में घुसे
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पहले घर की रेकी की और फिर 24 अप्रैल की रात वारदात को अंजाम दिया। आरोपी घर के पीछे की खिड़की के ऊपर बने शेड को तोड़कर अंदर दाखिल हुए थे।
उन्हें इस बात की पूरी जानकारी थी कि परिवार शहर से बाहर है और घर में भारी मात्रा में कीमती आभूषण रखे हुए हैं।
वारदात के बाद आरोपी चोरी का माल लेकर प्रयागराज फरार हो गए, जहां कुछ जेवर सर्राफा कारोबारियों को बेच दिए गए।
5 करोड़ रुपये का माल बरामद
पुलिस टीम ने प्रयागराज में दबिश देकर पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर करीब 5 करोड़ रुपये मूल्य के हीरे, सोने-चांदी के आभूषण और अन्य सामान बरामद किया गया है।
पुलिस अब बाकी चोरी के माल और इससे जुड़े नेटवर्क की तलाश में जुटी हुई है।
सट्टे के कर्ज ने अपराध की ओर धकेला
पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि मुख्य आरोपी आकर्ष सिंह आर्थिक तंगी और सट्टे में हुए नुकसान के चलते मानसिक दबाव में था। इसी वजह से उसने चोरी की साजिश रची।
फिलहाल पुलिस मामले के अन्य पहलुओं और संभावित सहयोगियों की भी जांच कर रही है।



