70 किमी पीठ पर पत्नी को लेकर पहुंचा पति, जनसुनवाई में छलका दर्द; 10 साल से राशन और सरकारी योजनाओं से वंचित परिवार की गुहार

पन्ना: मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में जनसुनवाई के दौरान एक ऐसी तस्वीर सामने आई जिसने मौजूद अधिकारियों और लोगों को भावुक कर दिया। गौरा पंचायत का रहने वाला एक व्यक्ति अपनी दिव्यांग पत्नी को पीठ पर बैठाकर करीब 70 किलोमीटर का सफर तय कर कलेक्ट्रेट पहुंचा। दंपति ने आरोप लगाया कि पिछले दस वर्षों से उन्हें राशन और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है, जबकि वे लगातार अधिकारियों के चक्कर काटते रहे हैं।
कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई के दौरान दिव्यांग महिला अपने पति और बच्चों के साथ कलेक्टर के सामने पहुंची। महिला ने बताया कि उसका अति गरीबी रेखा श्रेणी का राशन कार्ड वर्षों पहले बदल दिया गया था। इसके बाद से उसे राशन पर्ची नहीं मिली और परिवार सरकारी राशन पाने के अधिकार से वंचित हो गया।
राशन से लेकर आवास तक, हर योजना से वंचित होने का आरोप
महिला का कहना है कि बीते एक दशक में उसे प्रधानमंत्री आवास योजना, शौचालय योजना सहित किसी भी प्रमुख सरकारी योजना का लाभ नहीं मिला। परिवार की आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती गई, लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से कोई मदद नहीं मिली।
पीड़िता ने बताया कि वह दिव्यांग है और चलने-फिरने में असमर्थ है। उसका इलाज भोपाल एम्स में चल रहा है, जहां किडनी की बीमारी का उपचार कराया जा रहा है। सीमित संसाधनों और बढ़ते खर्चों के कारण परिवार की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। आर्थिक संकट का असर बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है।
पंचायत अधिकारियों पर उपेक्षा के आरोप
महिला ने सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक पर गंभीर आरोप लगाए। उसका कहना है कि जब भी वह अपनी समस्या लेकर पंचायत कार्यालय पहुंची, उसे मदद देने के बजाय डांटकर वापस भेज दिया गया। परिवार का दावा है कि पंचायत, जनपद पंचायत, जिला पंचायत, कलेक्ट्रेट और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन तक कई बार शिकायतें दर्ज कराई गईं, लेकिन समाधान नहीं हुआ।
जनसुनवाई में सुनाई आपबीती, भावुक हुई महिला
अपनी परेशानी बताते हुए महिला की आंखें भर आईं। उसने अधिकारियों के सामने वर्षों से झेली जा रही समस्याओं का दर्द बयां किया। जनसुनवाई में मौजूद लोगों ने भी इस दृश्य को बेहद मार्मिक बताया।
कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर उषा परमार ने संबंधित अधिकारियों को जांच करने के निर्देश दिए। साथ ही राशन पर्ची बनवाने और पात्रता के अनुसार सभी सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के लिए तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है।
परिवार को अब उम्मीद है कि लंबे समय से चली आ रही परेशानियों का समाधान होगा और उन्हें उन सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा, जिनके लिए वे वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं।



