CJP आंदोलन पर कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा बयान, बोले- ‘मेरे हर जोड़ पर पड़े हैं लठ, लेकिन आंदोलन की भी होती है मर्यादा’

इंदौर: मध्य प्रदेश सरकार के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आंदोलन को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को आंदोलन करने का अधिकार है, लेकिन हर आंदोलन की अपनी मर्यादा होती है। उन्होंने कहा कि उन्होंने भी अपने राजनीतिक जीवन में कई आंदोलन किए हैं और लाठियां भी खाई हैं, लेकिन मर्यादा का पालन हमेशा जरूरी है।
आंदोलन पर कही यह बात
पत्रकारों से बातचीत के दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी मर्यादा में रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब मर्यादा टूटती है तो लोगों की भावनाएं आहत होती हैं। मंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध और आंदोलन का अधिकार सभी को है, लेकिन उसका तरीका भी मर्यादित होना चाहिए। उन्होंने कहा, “मैंने बहुत आंदोलन किए हैं और मेरे हर जोड़ पर लठ पड़े हैं, लेकिन आंदोलन की भी अपनी मर्यादा होती है।”
प्रदर्शन के दौरान अमर्यादित भाषा का जिक्र
मंत्री ने उस प्रदर्शन का भी उल्लेख किया, जिसमें जंतर-मंतर पर कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा कथित तौर पर अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई थी। इसी मामले में 15 वर्षीय रुचिका सिंह के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित रूप से अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई थी। बाद में रुचिका की मां ने कहा था कि प्रधानमंत्री ने उनकी बेटी को माफ कर दिया, जिसे उन्होंने जीवनदान मिलने जैसा बताया।
मौलाना जर्जिस अंसारी के कथित बयान पर भी प्रतिक्रिया
कैलाश विजयवर्गीय ने मौलाना जर्जिस अंसारी के भगवान शिव और भगवान ब्रह्मा को लेकर सामने आए कथित विवादित बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान सामाजिक समरसता को नुकसान पहुंचाने वाले हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे लोग समाज के ताने-बाने को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि इस मामले में कानून के तहत कार्रवाई की मांग की जाएगी।
वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ा विवाद
बताया जा रहा है कि बिहार में एक कार्यक्रम के दौरान मौलाना जर्जिस अंसारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें भगवान शंकर को लेकर कथित अभद्र टिप्पणी किए जाने का दावा किया गया। इस वीडियो के सामने आने के बाद विभिन्न हिंदू संगठनों ने विरोध जताते हुए उनकी गिरफ्तारी की मांग की है।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर भी दिया था बयान
इससे पहले छात्रों के आंदोलन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर भी कैलाश विजयवर्गीय ने बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि इस इस्तीफे से उन विदेशी ताकतों के मंसूबों पर पानी फिर गया, जो भारत में हिंसा और अस्थिरता फैलाना चाहती थीं। उनके अनुसार कुछ शक्तियां देश में बांग्लादेश और श्रीलंका जैसी परिस्थितियां पैदा करना चाहती थीं, लेकिन उनका प्रयास सफल नहीं हो सका।



