मानसून में ये चीजें खा रहे हैं तो हो जाएं सावधान! छोटी सी लापरवाही बिगाड़ सकती है सेहत

नई दिल्ली: मानसून का मौसम जहां गर्मी से राहत लेकर आता है, वहीं कई तरह की मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ा देता है। बारिश के दौरान सर्दी, जुकाम, वायरल संक्रमण और पेट संबंधी समस्याएं तेजी से फैलती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस मौसम में खानपान को लेकर विशेष सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे हैं, जिनका सेवन बरसात के दिनों में सीमित या सावधानी के साथ करना बेहतर माना जाता है।
तली-भुनी चीजों से बनाएं दूरी
बारिश के मौसम में पकौड़े, समोसे और अन्य तली-भुनी चीजों का सेवन काफी बढ़ जाता है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार इस मौसम में अत्यधिक तला-भुना भोजन पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है। मानसून के दौरान पाचन क्रिया अपेक्षाकृत धीमी हो जाती है, जिससे अपच, गैस और पेट खराब होने जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
स्ट्रीट फूड से बढ़ सकता है संक्रमण का खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक मानसून में खुले में रखे खाद्य पदार्थों में बैक्टीरिया और अन्य हानिकारक सूक्ष्मजीव तेजी से पनप सकते हैं। सड़क किनारे मिलने वाले खाद्य पदार्थ कई बार दूषित पानी और अस्वच्छ वातावरण के संपर्क में आते हैं, जिससे संक्रमण और फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ जाता है।
पत्तेदार सब्जियों का सेवन सावधानी से करें
बरसात के मौसम में पालक, मेथी, बथुआ, पत्ता गोभी, गोभी और बैंगन जैसी सब्जियों में कीड़े-मकोड़े और सूक्ष्म जीवों के पनपने की संभावना बढ़ जाती है। यदि इन सब्जियों को अच्छी तरह साफ किए बिना खाया जाए तो पेट संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए इनका उपयोग करने से पहले अच्छी तरह धोना और पकाना जरूरी है।
मशरूम के सेवन में बरतें सतर्कता
मशरूम जमीन और नमी वाले वातावरण में उगता है। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून में मशरूम में संक्रमण या दूषित तत्वों का जोखिम बढ़ सकता है। ऐसे में केवल विश्वसनीय स्रोत से प्राप्त और अच्छी तरह पका हुआ मशरूम ही सेवन करना चाहिए।
दही और डेयरी उत्पादों का सीमित सेवन करें
कुछ स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानसून में दही और कुछ डेयरी उत्पादों का सेवन सीमित रखने की सलाह देते हैं, विशेष रूप से उन लोगों को जिन्हें बार-बार सर्दी, गले की समस्या या पाचन संबंधी दिक्कत होती है। हालांकि ताजा और सुरक्षित तरीके से तैयार डेयरी उत्पाद सामान्य परिस्थितियों में पौष्टिक माने जाते हैं।
मछली और समुद्री खाद्य पदार्थों पर रखें नजर
मानसून कई समुद्री जीवों का प्रजनन काल माना जाता है। इस दौरान कुछ क्षेत्रों में मछलियों की गुणवत्ता और ताजगी प्रभावित हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि केवल ताजा, स्वच्छ और अच्छी तरह पकाए गए समुद्री खाद्य पदार्थों का ही सेवन करना चाहिए।
रेड मीट पचाने में हो सकती है परेशानी
बारिश के मौसम में पाचन क्षमता कमजोर पड़ने के कारण भारी और अधिक वसा वाले खाद्य पदार्थों को पचाने में समय लग सकता है। ऐसे में रेड मीट और अत्यधिक चर्बीयुक्त भोजन का सेवन सीमित मात्रा में करने की सलाह दी जाती है।
कच्चे सलाद और कटे फलों में बरतें सावधानी
मानसून में कच्चे सलाद, पहले से कटे हुए फल और सब्जियां संक्रमण का कारण बन सकती हैं, खासकर यदि उन्हें लंबे समय तक खुले में रखा गया हो। विशेषज्ञों की सलाह है कि फल और सब्जियों को अच्छी तरह धोकर ताजा ही खाएं तथा लंबे समय तक खुले में रखे खाद्य पदार्थों से बचें।
खानपान में सावधानी ही बचाव का सबसे बड़ा उपाय
विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के दौरान स्वच्छ, ताजा और अच्छी तरह पका हुआ भोजन करना सबसे सुरक्षित विकल्प है। साथ ही पर्याप्त पानी पीना, हाथों की सफाई रखना और संतुलित आहार लेना मौसमी बीमारियों से बचाव में मदद कर सकता है।



