पंजाब

पंजाब कैबिनेट की बैठक में अहम फैसले : फोरेंसिक निदेशालय, फार्म स्टे नीति 2026 और सोसायटी कानून संशोधन को मंजूरी

चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में शुक्रवार को सार्वजनिक सुरक्षा, ग्रामीण आय बढ़ाने और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई अहम फैसले लिये गये। मंत्रिमंडल ने फोरेंसिक विज्ञान सेवा निदेशालय की स्थापना, फार्म स्टे नीति 2026 तथा सोसायटी पंजीकरण (पंजाब संशोधन) विधेयक 2026 को मंजूरी दे दी।

कैबिनेट ने अपराधों की तेज जांच और साक्ष्यों के वैज्ञानिक विश्लेषण को मजबूत करने के लिए पंजाब में फोरेंसिक विज्ञान सेवा निदेशालय स्थापित करने को मंजूरी दी। यह निदेशालय गृह विभाग के अधीन कार्य करेगा। पहले से कार्यरत पंजाब फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला को नये ढांचे में शामिल किया जाएगा। अमृतसर, बठिंडा और लुधियाना की क्षेत्रीय प्रयोगशालाओं में डीएनए, बैलिस्टिक, साइबर फोरेंसिक, दस्तावेज़ परीक्षण और ऑडियो-वॉयस विश्लेषण जैसे आधुनिक विभाग स्थापित किये जाएंगे। इसके अलावा राज्य के प्रत्येक पुलिस जिले के लिए कुल 28 मोबाइल फोरेंसिक इकाइयों को मंजूरी दी गयी है, जो अपराध स्थल जांच में मदद करेंगी।

फोरेंसिक सेवाओं को मजबूत करने के लिए 266 अतिरिक्त तकनीकी पदों और एक मंत्रालयिक पद के सृजन को मंजूरी दी गयी है। इन्हें चरणबद्ध तरीके से सीधी भर्ती के माध्यम से भरा जाएगा। एसएएस नगर स्थित प्रयोगशाला में वैज्ञानिक अधिकारियों, वैज्ञानिक सहायकों, प्रयोगशाला सहायकों और परिचारकों की भर्ती भी स्वीकृत की गयी है।

कैबिनेट ने किसानों की आमदनी बढ़ाने और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए फार्म स्टे नीति 2026 को मंजूरी दी। इस नीति के तहत किसान अपनी कृषि भूमि के सीमित हिस्से का उपयोग कर ग्रामीण आवास, स्थानीय भोजन, सांस्कृतिक गतिविधियां और कृषि अनुभव पर्यटकों को उपलब्ध करा सकेंगे। सरकार का मानना है कि इससे किसानों को अतिरिक्त आय मिलेगी, युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और गांवों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी। नीति में पर्यावरण अनुकूल निर्माण, कचरा प्रबंधन, जल संरक्षण और जैविक खेती को भी प्रोत्साहन दिया गया है।
मंत्रिमंडल ने सोसायटी पंजीकरण अधिनियम 1860 में संशोधन के लिए सोसायटी पंजीकरण (पंजाब संशोधन) विधेयक 2026 को भी मंजूरी दे दी। अब यह विधेयक मंजूरी के लिए पंजाब विधानसभा में पेश किया जाएगा। सरकार के अनुसार ये फैसले कानून व्यवस्था को आधुनिक बनाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और प्रशासनिक ढांचे को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

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