
नई दिल्ली: थायरॉइड से जुड़ी समस्याओं में दवाओं के साथ संतुलित खानपान और स्वस्थ जीवनशैली भी अहम भूमिका निभाते हैं। सेब, बेरीज, संतरा और अनानास जैसे फल विटामिन, मिनरल्स, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स प्रदान करते हैं, जो शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। हालांकि, केवल इन फलों को खाने से थायरॉइड की समस्या ठीक नहीं होती और न ही हार्मोन का स्तर अपने आप सामान्य हो जाता है। सही डाइट के साथ नियमित जांच और डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा लेना जरूरी है।
थायरॉइड की समस्या और डाइट के बीच क्या है संबंध?
थायरॉइड ग्रंथि गर्दन में स्थित होती है और शरीर के मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करने वाले हार्मोन बनाती है। जब यह ग्रंथि जरूरत से कम हार्मोन बनाती है, तो इस स्थिति को हाइपोथायरॉइडिज्म कहते हैं। वहीं, जरूरत से अधिक हार्मोन बनने की स्थिति हाइपरथायरॉइडिज्म कहलाती है।
इन दोनों स्थितियों में लक्षण और उपचार अलग-अलग हो सकते हैं। संतुलित आहार शरीर को जरूरी पोषक तत्व देता है, लेकिन थायरॉइड के इलाज का विकल्प नहीं है। आयोडीन थायरॉइड हार्मोन बनाने के लिए जरूरी है, जबकि कैल्शियम और विटामिन डी हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं। इन पोषक तत्वों की पर्याप्त मात्रा लेना फायदेमंद है, लेकिन सप्लीमेंट डॉक्टर की सलाह से ही लेने चाहिए।
सेब खाने से मिलेंगे पोषक तत्व
सेब में फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। इसमें मौजूद फाइबर पाचन को बेहतर बनाने और पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद कर सकता है। संतुलित आहार के हिस्से के रूप में सेब खाना वजन नियंत्रित रखने में भी सहायक हो सकता है।
हालांकि, सेब खाने से थायरॉइड ग्रंथि सीधे बेहतर काम करने लगती है या शरीर से ऐसे टॉक्सिन निकल जाते हैं जो थायरॉइड को प्रभावित करते हैं, इस दावे के पर्याप्त प्रमाण नहीं हैं। इसे सेहतमंद फल के रूप में डाइट में शामिल किया जा सकता है।
बेरीज में भरपूर होते हैं एंटीऑक्सीडेंट्स
स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी और अन्य बेरीज में विटामिन, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। ये पोषक तत्व कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में भूमिका निभाते हैं। बेरीज को नियमित और संतुलित आहार में शामिल करने से शरीर को कई जरूरी पोषक तत्व मिल सकते हैं।
थायरॉइड की समस्या वाले लोगों के लिए भी ये फल एक अच्छा विकल्प हो सकते हैं। हालांकि, बेरीज खाने से थायरॉइड हार्मोन का उत्पादन सामान्य हो जाता है, ऐसा मानने के लिए पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।
संतरा विटामिन सी का अच्छा स्रोत
संतरे में विटामिन सी और अन्य एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। विटामिन सी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता के सामान्य कामकाज और आयरन के अवशोषण में मदद करता है। संतरा फाइबर और तरल पदार्थों का भी स्रोत है, खासकर जब इसे साबुत फल के रूप में खाया जाए।
थायरॉइड की समस्या में संतरा संतुलित डाइट का हिस्सा बन सकता है, लेकिन इसे थायरॉइड ग्रंथि की सूजन या हार्मोन संबंधी गड़बड़ी का इलाज नहीं माना जाना चाहिए।
अनानास खाने से भी मिलते हैं फायदे
अनानास में विटामिन सी, मैंगनीज और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसमें मौजूद फाइबर पाचन में मदद कर सकता है, जबकि विटामिन सी शरीर की सामान्य प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए जरूरी है। इसे ताजे फल के रूप में खाने से डाइट में विविधता आती है।
अनानास में मौजूद पोषक तत्व सामान्य स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हैं, लेकिन इसके सेवन से थायरॉइड के हार्मोन सामान्य होने या इससे जुड़ी थकान दूर होने की गारंटी नहीं है। थकान लंबे समय तक बनी रहे तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
थायरॉइड के मरीज इन बातों का रखें ध्यान
- संतुलित आहार लें और फल, सब्जियां, साबुत अनाज तथा प्रोटीन के अच्छे स्रोत शामिल करें।
- आयोडीन की जरूरत पूरी करने के लिए संतुलित मात्रा में आयोडीन युक्त नमक का इस्तेमाल करें। बिना सलाह के आयोडीन सप्लीमेंट न लें।
- डॉक्टर द्वारा बताई गई दवा नियमित रूप से लें और समय पर थायरॉइड की जांच कराएं।
- यदि आप लेवोथायरॉक्सिन लेते हैं, तो दवा को डॉक्टर के निर्देशानुसार लें। कैल्शियम और आयरन सप्लीमेंट इसके अवशोषण को प्रभावित कर सकते हैं, इसलिए इनके सेवन के बीच उचित अंतर रखें।
- वजन में अचानक बदलाव, लगातार थकान, दिल की धड़कन तेज होने या अन्य नए लक्षणों को नजरअंदाज न करें।



