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भारत का दूसरा मैडल पक्का, मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन का कमाल

स्पोर्ट्स डेस्क : भारतीय महिला मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन (महिला 69 किलो) ने टोक्यो ओलंपिक में भारत के लिए दूसरा मैडल तय किया. लवलीना ने क्वार्टरफाइनल में चीनी ताइपे की मुक्केबाज नियेन चिन चेन को 4-1 से मात देकर सेमीफाइनल में जगह बनायीं. टोक्यो ओलंपिक में सेमीफाइनल में अपनी जगह बनाने वाली लवलीना पहली भारतीय मुक्केबाज है.

ओलंपिक के दूसरे दिन मीराबाई चानू ने ओलंपिक में भारत का खाता खोला था और सिल्वर मैडल जीता था. लवलीना वेल्टरवेट कैटेगरी के क्वार्टरफाइनल में नियेन चिन पर पूरी तरह से हावी दिखी और उनको मैच में लौटने का अवसर नहीं दिया. लवलीना का सेमीफाइनल में मैच मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन तुर्की की बुसानेज सुरमेनेली से होगा, जिन्होंने क्वार्टर फाइनल में अन्ना लिसेंको को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनायीं है.

दो बार विश्व चैंपियनशिप की ब्रॉन्ज मेडल विजेता लवलीना ने संयम का प्रदर्शन करते हुए उस विरोधी को हराया जिससे वो पहले हार चुकी है. आक्रामक शुरूआत के बाद उन्होंने अंतिम न मिनटों में अपना डिफेंस भी नियंत्रित रखा और जवाबी हमलों में भी चूक नहीं की. पिछले वर्ष कोरोना की चपेट में आई लवलीना यूरोप में प्रैक्टिस दौरे पर नहीं जा सकी थी.

रैफरी ने जैसे ही विजेता के रूप में उनका हाथ उठाया, वो खुशी से चीख पड़ी. भारत को इससे पहले ओलंपिक मुक्केबाजी में विजेंदर सिंह (2008) और एम सी मैरीकॉम (2012) ने कांस्य पदक दिलाए थे. इससे पहले सिमरनजीत कौर 60 किलो वर्ग में ओलंपिक में डेब्यू के साथ ही प्री क्वार्टर फाइनल में थाईलैंड की सुदापोर्न सीसोंदी से हार गयी.

उन्होंने पहले दौर में दमदार प्रदर्शन करते हुए प्रतिद्वंद्वी पर दबाव बनाने की कोशिश की और अच्छे जवाबी हमले बोले. जजों ने एकमत से थाई बॉक्सर के पक्ष में फैसला दिया जिससे दूसरे दौर में सिमरनजीत पर असर पड़ा.

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