राष्ट्रीय

बिहार विधान परिषद चुनाव में JDU का बड़ा दांव! उम्मीदवारों की सूची जारी, कई सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश

पटना: बिहार विधान परिषद की आगामी द्विवार्षिक चुनाव प्रक्रिया को लेकर जनता दल (यूनाइटेड) ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। पार्टी ने आधिकारिक सूची जारी करते हुए विभिन्न क्षेत्रों और सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देने का दावा किया है। उम्मीदवारों के नामों की घोषणा प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा के हस्ताक्षरयुक्त पत्र के माध्यम से की गई।

बिहार विधान परिषद की सीटों पर होने वाले चुनाव को देखते हुए जेडीयू ने अपने संगठनात्मक और सामाजिक समीकरणों को साधने की रणनीति के तहत उम्मीदवारों का चयन किया है। पार्टी का कहना है कि सूची तैयार करते समय क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन का विशेष ध्यान रखा गया है।

इन नेताओं को मिला टिकट

जेडीयू ने पटना क्षेत्र से निशांत कुमार, मधुबनी से भारती मेहता, पश्चिमी चंपारण से शिवानी देवी प्रजापति और ललन प्रसाद को उम्मीदवार बनाया है। सभी नाम पार्टी संगठन और सामाजिक प्रतिनिधित्व के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

निशांत कुमार पर जताया भरोसा

पटना से उम्मीदवार बनाए गए निशांत कुमार वर्तमान में बिहार सरकार में स्वास्थ्य मंत्री हैं। वे पिछड़ा वर्ग समुदाय से आते हैं और लंबे समय से पार्टी की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनकी उम्मीदवारी को जेडीयू की महत्वपूर्ण राजनीतिक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

महिला नेतृत्व को भी मिला प्रतिनिधित्व

मधुबनी से भारती मेहता को उम्मीदवार बनाया गया है। वह पार्टी की महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष और प्रवक्ता के रूप में कार्य कर रही हैं। अत्यंत पिछड़ा वर्ग से आने वाली भारती मेहता पहले बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड की अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुकी हैं।

जमीनी संगठन से जुड़े नेताओं को अवसर

पश्चिमी चंपारण की शिवानी देवी प्रजापति को भी पार्टी ने मौका दिया है। वे संगठन में प्रदेश सचिव और जिला परिषद अध्यक्ष जैसी जिम्मेदारियां निभा चुकी हैं। वहीं ललन प्रसाद को भी उम्मीदवार बनाया गया है, जो समता पार्टी के दौर से ही संगठन से जुड़े रहे हैं और लंबे समय से विभिन्न पदों पर कार्यरत हैं।

सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश

पार्टी का कहना है कि उम्मीदवारों का चयन बिहार के विभिन्न सामाजिक समूहों और क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व देने के उद्देश्य से किया गया है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, आगामी चुनावी चुनौतियों को देखते हुए जेडीयू संगठनात्मक मजबूती और सामाजिक समीकरण दोनों पर फोकस कर रही है।

18 जून को होगा मतदान

बिहार विधान परिषद की 10 सीटों के लिए चुनाव 18 जून को प्रस्तावित है। उम्मीदवारों की घोषणा के साथ ही राज्य की राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और सभी दल चुनावी तैयारियों में जुट गए हैं।

Related Articles

Back to top button